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पानी नहीं जुटा सके, तो औने-पौने दाम में बेच दिया मवेशी

Updated at : 22 May 2019 1:17 AM (IST)
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पानी नहीं जुटा सके, तो औने-पौने दाम में बेच दिया मवेशी

राजनगर (मधुबनी) : मधुबनी जिले में जल संकट की समस्या गंभीर होती जा रही है. शहर से लेकर गांवों तक के लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं. लोग पीने के लिए कहीं से पानी का इंतजाम कर भी ले रहे, तो मवेशियों को नहाने व पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा. यही […]

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राजनगर (मधुबनी) : मधुबनी जिले में जल संकट की समस्या गंभीर होती जा रही है. शहर से लेकर गांवों तक के लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं. लोग पीने के लिए कहीं से पानी का इंतजाम कर भी ले रहे, तो मवेशियों को नहाने व पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा. यही कारण है कि राजनगर थाना क्षेत्र के रामपट्टी गांव के तीन किसान अपने मवेशी औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हुए हैं.

रामपट्टी गंज टोल के किसान कल्लर यादव व इंद्र कुमार यादव ने अपना बैल तो महिनाथपुर के किसान चंदर यादव ने दुधारू भैंस सिर्फ इसलिए बेच दिया कि इन मवेशियों को पिलाने के लिए पानी का इंतजाम नहीं हो पा रहा था. अगल-बगल के लोग खुद के पीने के लिए पानी तो दे रहे हैं, पर दिन भर में कम से कम दस बाल्टी पानी मवेशी के चारा से पीने तक में खर्च हो रहे हैं, जिसका इंतजाम नहीं हो रहा था.

बताते हैं कि कल्लर यादव के पास एक बैल था. दरवाजे पर लगे सरकारी चापाकल से पानी नहीं निकल रहा. बगल के घर से पानी ला रहे थे, जिससे खुद व मवेशी के लिए चारा व पीने का भी इंतजाम हो रहा था. लेकिन, बार-बार दूसरे के घर से पानी लाने में हो रही परेशानी से तंग आकर कल्लर यादव ने बैल को बेचने का निर्णय लिया. यादव बताते हैं कि जिस बैल का जनवरी-फरवरी में ग्राहक 13 हजार रुपये दे रहे थे, उसे इन्होंने 7500 में बेच दिया है. यही हाल इंद्र यादव का भी है.

इंद्र ने अपना बैल 11 हजार में बेचा है. इसकी कीमत 20 से 25 हजार थी. बीते साल तक बैल के लिए खरीदार आ रहे थे. कई खरीदारों ने 20 हजार तक कीमत लगायी थी, पर खेती करने का और कोई साधन नहीं था, सो बैल नहीं बेचे. पर जो हालात पानी को लेकर हो गया है, उस स्थिति में बैल को रखना अब उनके बस की बात नहीं है. मवेशी दरवाजे पर मर जाये, इससे बेहतर है कि इसे बेच दें.

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