चुनावी मुद्दा : महिलाओं ने कहा एक पार्क तो चाहिए ही

मधुबनीः शहर में बढ़ते वाहनों के शोर ने लोगों का सुकून ने लोगों का चैन छिन लिया है. शहर में कोई ऐसी जगह भी नहीं जहां सुबह-शाम बैठ लोग थोड़ी देर सुकून की सांस ले सकें.हां, शहर में एक पार्क तो हैं, पर, बद्तर स्थिति में. यहां कूड़े का ढेर भी दिखता है. सियासी करतूत […]
मधुबनीः शहर में बढ़ते वाहनों के शोर ने लोगों का सुकून ने लोगों का चैन छिन लिया है. शहर में कोई ऐसी जगह भी नहीं जहां सुबह-शाम बैठ लोग थोड़ी देर सुकून की सांस ले सकें.हां, शहर में एक पार्क तो हैं, पर, बद्तर स्थिति में. यहां कूड़े का ढेर भी दिखता है. सियासी करतूत सुविधा बढ़ाने की बजाय इसे लील चुका है. लोगों में इसे लेकर नाराजगी है कि उनके बीच से जीतने वाले ये विधायक, सांसद खुद तो एसी गाड़ी, बंगले व अन्य सुख सुविधा में जीते हैं और आम जनता अपने भाग्य भरोसे.
नहीं लगे पेड़, नहीं बनी संरचना
शहर में काली मंदिर परिसर में पार्क बनाया गया था. यहां जो भी सुविधा थी वह खत्म हो गयी है. इसी तरह निधि पार्क, तिरहुत कॉलोनी पार्क व अन्य सार्वजनिक स्थानों की स्थिति भी खास्ता है. जहां न छांव के लिए एक पेड़ लगे और ना ही कोई बेहतर दृश्य गढ़े गये.
नहीं उठायी गयी आवाज
दरअसल, समस्या तो रहती ही है. जरूरत इस बात की होती है कि इसे खत्म करने के इरादे से क्या पहल हुई. स्थानीय लोगों की माने तो यहां इच्छा शक्ति का अभाव रहा है. कभी किसी ने शायद ही किसी मंच से इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की हो. इस दिशा में खुद से प्रयास किया हो.
लोगों में बढ़ती रही नाराजगी
लोगों में नाराजगी है कि उन्हें बेहतर नागरिक सुविधा नहीं मिल रही है. शहर में बढ़ते प्रदूषण एवं भागदौड़ कीसमस्या से निजात मिले. प्रो. अमरेश श्रीवास्तव व राजू कुमार राज नेबताया कि यहां पार्क की सुविधा आसानी से लोगों को मुहैया करायी जा सकती है.
भू-माफियाओं द्वारा अतिक्रमित किये जा रहे तालाब को बचा कर उसे सजाया व संवारा जा सकता है. गृहिणी सुधा मिश्र, अभिलाषा व संजना ने बताया कि शाम में बच्चों के साथ कही कुछ क्षण बैठ कर बिताया जा सके, सुबह में वॉकिंग की जा सके. इसके लिए किसी जनप्रतिनिधि ने पहल नहीं की है. वोट के समय भी इसे मुद्दा बनाने से ये लोग परहेज कर रहे हैं.
जनघोषणा पत्र से उठा मामला
विभिन्न संगठनों ने अपने जन घोषणा पत्र में इसे लेकर लोगों को जागरूक करने की पहल की है. जन मोर्चा द्वारा जारी घोषणा पत्र में राजनेताओं से इस मामले में सवाल करने का आग्रह किया गया है. इसके संयोजक लाल बहादुर सिंह ने बताया कि इस मामले को रखा गया है. वहीं ऐसा पहली बार हुआ है कि राजनीतिक दल के रूप में राजदप्रत्याशी अब्दुल बारी सिद्दीकी के जनघोषणा पत्र में इसकी गूंज सुनाईदे रही है. जिसमें इस समस्या कोउठाया गया है. इधर, पीसी ट्रस्ट, आइपीएम, जनाधिकार फोरम,मिथिला मूवमेंट अगेंस्ट करप्शन द्वारा इसे लेकर जागरूक करने का काम किया जा रहा है.
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