जम्मु कश्मीर में मधेपुरा के दो मजदूर की मौत, शव पहुंचते ही मचा कोहराम

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जम्मु कश्मीर में मधेपुरा के दो मजदूर की मौत, शव पहुंचते ही मचा कोहराम

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प्रतिनिधि, मधेपुरा- शंकरपुर जिले के दो मजदूर की रविवार की रात्रि जम्मू कश्मीर के गांदरवल जिले में आतंकवादी हमले में मौत हो गयी थी. मंगलवार को प्रशासन ने दोनों के शव को घर तक पहुंचाया. शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया.

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जानकारी के अनुसार दोनों मजदूर वहां टनल में पेंटर का काम करता था. मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया था. रविवार के रात्रि से ही दोनों परिवार के लोगों में जहां चीख पुकार मचा हुआ था. वही मजदूरों के ऊपर आतंकी के द्वारा किये गये कायराना हमला से लोगों के बीच आक्रोश है.

शंकरपुर व सदर प्रखंड निवासी था मृतक

मृतकों में शंकरपुर थाना क्षेत्र के रामपुर लाही वार्ड पांच निवासी 45 वर्षीय मो हनीफ व सदर थाना क्षेत्र के हनुमान नगर चौरा निवासी मो कलीम (35) शामिल है. दोनों रिश्ते में साला व बहनोई था. दोनों के घर में मातम पसरा हुआ है. मो हनीफ की पत्नी समीदा खातून ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पति जम्मू कश्मीर गये थे. वहां वह एफको इंफ्राटेक प्राइवेट कंपनी में पेंटर का काम करता था. वहां पेंटिंग का काम लगभग समाप्त हो गया था एवं इसी महीने वो घर लौटने वाले थे. दो-तीन दिन पहले उनसे बात हुई थी, तो बताया था कि इस बार घर आने पर छोटी बेटी की शादी करेंगे एवं घर भी बनायेंगे, लेकिन रविवार की शाम में वहां काम कर रहे एक मजदूर ने फोन कर बताया कि आतंकवादी हमले में मो हनीफ की मौत हो गयी है.

उन्होंने कहा कि लगभग ढाई साल पहले उनकी बड़ी बेटी रुकसाना खातून की शादी हुई थी. इसका दो लाख रुपये कर्ज अभी भी बांकी है. अब छोटी बेटी सजदा खातून की भी शादी करनी है. पति के मौत से उनके ऊपर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है. वह लोगों ने कहा कि अब उनकी जिंदगी कैसे कटेगी. उन्होंने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की. मुखिया प्रतिनिधि पारसमणी आजाद ने कहा कि मो हनीफ गरीब परिवार से आते हैं. आतंकवादी हमले में उनकी मौत से दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा है. मंगलवार को मृतक हनीफ के घर सिंहेश्वर विधायक चंद्रहास चौपाल, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मनोज यादव, जदयू जिला उपाध्यक्ष पारस मणि आजाद आदि ने पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाया. वही सरकार से मुआवजा देने की मांग की.

बिहार में रोजगार की सुविधा होती तो प्रदेश में मजदूरी को नहीं जाते लोग

विधायक ने कहा कि बिहार में रोजगार की सुविधा होती, तो यहां के मजदूरों को दूसरे प्रदेश जाकर जान गवाना नहीं पड़ता. राज्य व केंद्र सरकार मृतक श्रमिक के आश्रित को मुआवजा दें. इसके लिए मुख्यमंत्री से भी बात करेंगे. मौके पर बीडीओ तेज प्रताप त्यागी, सीओ राहुल कुमार, थानाध्यक्ष रोशन कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी आदि मौजूद थे.

वही बिहार के तीन श्रमिकों के मौत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दुख प्रकट किया. कहा मृतक के आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख देने के साथ साथ श्रम संसाधन विभाग एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से नियमानुसार अन्य लाभ दिया जायेगा.

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