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गोवर्धन पर्वत की पूजा करने वालों के नष्ट हो जाते हैं समस्त पाप

Updated at : 04 Apr 2025 7:20 PM (IST)
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गोवर्धन पर्वत की पूजा करने वालों के नष्ट हो जाते हैं समस्त पाप

गोवर्धन पर्वत की पूजा करने वालों के नष्ट हो जाते हैं समस्त पाप

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मुरलीगंज. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत जीतापुर स्थित सार्वजनिक दुर्गास्थान में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन आध्यात्मिक भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा. कथा वाचन करती देवी राधा किशोरी ने भक्तों को गोवर्धन पर्वत की महिमा के विषय में विस्तारपूर्वक बताया. उन्होंने कहा कि गोवर्धन पर्वत केवल एक पर्वत नहीं है, बल्कि वह स्वयं भगवान श्रीकृष्ण का प्रतीक है. जब इंद्रदेव के प्रकोप से ब्रजवासियों पर संकट आया, तब श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सबों को सुरक्षा प्रदान की. यह लीला केवल एक चमत्कार नहीं, बल्कि यह संदेश है कि भगवान सच्चे भक्तों की सदैव रक्षा करते हैं. श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का किया वर्णन उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति श्रद्धा व भक्तिभाव से गोवर्धन पर्वत की पूजा करते हैं, उसके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे जीवन में सुख-शांति प्राप्त होती है. गोवर्धन पूजा का महत्व इतना अधिक है कि इसे दीपावली के अगले दिन अन्नकूट पर्व के रूप में भी मनाया जाता है. कथा के दौरान देवी ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, ब्रज की रास लीलाओं व भक्त और भगवान के बीच के प्रेम संबंधों का भी वर्णन किया. उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि जीवन में अगर सच्चा सुख चाहिए तो भगवान के नाम का स्मरण करें और अपने कर्मों को शुद्ध बनाएं. कथा आयोजकों ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन सात दिनों तक चलेगा और समापन पर हवन यज्ञ, भजन-कीर्तन व आरती का आयोजन किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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