डीएम अभिषेक रंजन ने की शिक्षा विभाग की समीक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता और शिक्षकों की उपस्थिति पर विशेष जोर
मधेपुरा. जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में न्यू एनआइसी कक्ष में शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी. बैठक के दौरान डीएम ने जिले में संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं और विद्यालयों की वर्तमान स्थिति की बारीकी से जांच की. उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागीय कार्यों में पारदर्शिता अनिवार्य है.नियमित अनुश्रवण और जवाबदेही तय
समीक्षा के दौरान डीएम ने विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और छात्रों के नामांकन की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं का संचालन काफी नहीं है, बल्कि उनका लाभ छात्रों तक पहुंचना चाहिए. इसके लिए अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने और अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा गया है.मध्याह्न भोजन और बुनियादी ढांचे की समीक्षा
बैठक में विद्यालयों की आधारभूत संरचना, लंबित निर्माण कार्यों और मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना की भी विस्तार से समीक्षा की गयी. डीएम ने निर्देश दिया कि सभी लंबित निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए. मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित हो. छात्रों के लिए उपलब्ध सुविधाओं में कोई कमी न रहे.बैठक में शिक्षा विभाग के विभिन्न संभागों के प्रभारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे. डीएम ने सभी को एक सप्ताह के भीतर लंबित कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जमा करने का टास्क सौंपा है. इस बैठक के बाद माना जा रहा है कि जिले की शैक्षणिक व्यवस्था में आने वाले दिनों में बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
—“शिक्षा विभाग से जुड़ी सभी योजनाओं का क्रियान्वयन गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाए. लापरवाह कर्मियों और समय पर कार्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. नियमित अनुश्रवण ही व्यवस्था में सुधार का मुख्य जरिया है. ” —
अभिषेक रंजन,
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