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मधेपुरा के मुख्य बाजार में आवारा पशुओं का आतंक, आम लोग परेशान

Updated at : 05 Jan 2026 7:04 PM (IST)
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मधेपुरा के मुख्य बाजार में आवारा पशुओं का आतंक, आम लोग परेशान

बाजार में दिनभर वाहनों और पैदल चलने वालों की भीड़ रहती है,

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– सड़कों पर बैठे मवेशियों से लग रहा जाम, दुर्घटना की आशंका बढ़ी, नगर परिषद की उदासीनता उजागर- मधेपुरा मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है. खासकर मुख्य बाजार, सब्जी मंडी, थाना चौक, कॉलेज चौक और स्टेशन रोड जैसे व्यस्त इलाकों में सड़कों पर घूमते गाय, बैल और बछड़े आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुके हैं. बाजार में दिनभर वाहनों और पैदल चलने वालों की भीड़ रहती है, ऐसे में सड़क के बीचों-बीच बैठे मवेशी जाम और दुर्घटना का कारण बन रहे हैं. – हर चौक पर लगता है जमावड़ा- मुख्य बाजार में कई जगहों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा देखा जा सकता है. कभी ये पशु सड़क पर बैठ जाते हैं तो कभी अचानक चलने लगते हैं, जिससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है. दोपहिया वाहनों के फिसलने और चारपहिया वाहनों के आपस में टकराने की आशंका बनी रहती है. दुकानदारों का कहना है कि पशुओं के कारण ग्राहक असहज महसूस करते हैं, जिससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है. – कई लोग हुए हैं जख्मी- सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को हो रही है. सुबह और शाम के समय जब बाजार में भीड़ बढ़ जाती है, तब आवारा पशुओं के बीच से निकलना जोखिम भरा हो जाता है. कई बार पशु आपस में लड़ने लगते हैं या अचानक दौड़ पड़ते हैं, जिससे अफरातफरी मच जाती है. स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में पशुओं के हमले या भगदड़ के दौरान कुछ लोगों को चोट भी लग चुकी है. – नगर परिषद नहीं कर रही कार्रवाई- स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद इस गंभीर समस्या को लेकर केवल औपचारिकता निभा रही है. शहर में पशु पकड़ने की व्यवस्था और गौशाला संचालन की बातें तो होती हैं, लेकिन जमीन पर इसका असर नजर नहीं आता. आवारा पशुओं के मालिकों पर न तो जुर्माना लगाया जा रहा है और न ही उन्हें अपने पशुओं को नियंत्रित रखने के लिए बाध्य किया जा रहा है. इसी कारण लोग बेझिझक अपने मवेशियों को सड़कों पर छोड़ देते हैं. – गौशाला में सक्रियता जरूरी- शहरवासियों ने नगर परिषद से मांग की है कि आवारा पशुओं के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाए. इसके साथ ही गौशाला को सक्रिय कर वहां पशुओं को सुरक्षित रखा जाए और जिम्मेदार पशु मालिकों पर सख्त कार्रवाई की जाए. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं. फिलहाल आवारा पशुओं के कारण मधेपुरा का मुख्य बाजार अव्यवस्था और असुरक्षा का प्रतीक बनता जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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