सिंहेश्वर शिवगंगा तट पर सोमवारी में भक्ति का महासंगम, दीपों और शंखनाद से गूंजा मंदिर परिसर

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शिव महा आरती करते पंडा एवं मौजूद श्रद्धालु | Prabhat Khabar Network

सावन की पहली सोमवारी पर सिंहेश्वर मंदिर परिसर स्थित शिवगंगा तट पर भक्ति, अध्यात्म और सांस्कृतिक परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला. श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन और तापस पंडा समाज द्वारा आयोजित महाआरती में श्रद्धालुओं ने दीपों की कतारों, शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच हिस्सा लिया, जिसने अयोध्या और काशी की भव्य आरती की याद दिला दी.

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Singheshwar Shiv Maha Aarti: मधेपुरा. सावन की पहली सोमवारी पर सिंहेश्वर मंदिर परिसर स्थित पवित्र शिवगंगा तट पर मंगलवार को भक्ति, अध्यात्म और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला. श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन और तापस पंडा समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिव आराधना सह महाआरती ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया.

दीपों की कतारों, शंखनाद, डमरू की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालु देर तक महाआरती में शामिल रहे. आयोजन की भव्यता और श्रद्धा से सराबोर वातावरण ने अनेक श्रद्धालुओं को अयोध्या और काशी की प्रसिद्ध महाआरती की याद दिला दी.

शिवगंगा तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सिंहेश्वर मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था. शाम होते-होते शिवगंगा तट पर बड़ी संख्या में भक्त जुट गए और सामूहिक रूप से भगवान शिव की आराधना की.

महाआरती के दौरान पूरा परिसर “हर हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से गूंज उठा. दीपों की रोशनी और मंत्रोच्चार ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया.

अयोध्या और काशी जैसी आध्यात्मिक अनुभूति

श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के संस्थापक भास्कर कुमार निखिल ने कहा कि आरती हिंदू धर्म में पूजा का एक महत्वपूर्ण अंग है. यह भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है.

उन्होंने कहा कि शंख और घंटी की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. यही कारण है कि महाआरती में शामिल होने वाले श्रद्धालु गहरी आध्यात्मिक अनुभूति महसूस करते हैं.

धार्मिक आयोजन में कई लोगों ने निभाई भूमिका

कार्यक्रम के सफल आयोजन में दीपक ठाकुर, गोलू ठाकुर, अविनाश ठाकुर, गोविंद ठाकुर और अरविंद ठाकुर सहित कई लोगों ने सक्रिय योगदान दिया.

इसके अलावा मुख्य प्रबंधक सागर यादव, कोषाध्यक्ष मनीष आनंद, प्रिंस कुमार, सोनू भगत, ललित भगत, बिट्टू चौरसिया, गौरव कुमार झा, रामकुमार, आनंद कुमार, विष्णु गुप्ता, नवीन सोनी, नील कुमार, अभिषेक कुमार, बादल सोनी, आर्यन कुमार और कन्हैया कुमार सहित अनेक श्रद्धालु आयोजन में उपस्थित रहे.

Singheshwar Shiv Maha Aarti: सावन में बढ़ रही धार्मिक आस्था

सावन के दौरान सिंहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहली सोमवारी पर आयोजित महाआरती ने धार्मिक वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया और क्षेत्र में आस्था का नया उत्साह देखने को मिला.

आयोजकों ने बताया कि सावन के पूरे महीने धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक साधना का बेहतर अवसर मिल सके.

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सुशांत कुमार

लेखक के बारे में

By सुशांत कुमार

सुशांत कुमार प्रिंट माध्यम में 10 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सिंहेश्वर (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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