ePaper

कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बुजुर्गों एवं बच्चों की बढ़ी मुश्किलें

Updated at : 04 Jan 2026 6:20 PM (IST)
विज्ञापन
कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बुजुर्गों एवं बच्चों की बढ़ी मुश्किलें

सुबह-सुबह काम की तलाश में निकलने वाले मजदूरों को ठंड का सीधा सामना करना पड़ रहा है

विज्ञापन

ग्वालपाड़ा प्रखंड क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पछुआ हवा के कारण शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. इससे कनकनी काफी बढ़ गई है. तापमान में आई भारी गिरावट ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. सुबह एवं शाम के समय घना कोहरा छाए रहने से विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिसके कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई है. बाजारों में ग्राहकों की संख्या में भी भारी कमी देखी जा रही है. ठंड का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों एवं बुजुर्गों पर पड़ रहा है. कड़ाके की ठंड के कारण लोग घरों के भीतर भी ठिठुरने को मजबूर हैं. चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में बच्चों में निमोनिया तथा बुजुर्गों में सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. कई अभिभावकों ने ठंड को देखते हुए छोटे बच्चों के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. कड़ाके की ठंड से सबसे अधिक परेशानी दिहाड़ी मजदूरों एवं रोज कमाने-खाने वाले लोगों को हो रही है. सुबह-सुबह काम की तलाश में निकलने वाले मजदूरों को ठंड का सीधा सामना करना पड़ रहा है. निर्माण कार्य एवं खेती-किसानी से जुड़े लोग सीमित संसाधनों के बीच ठिठुरते हुए काम करने को मजबूर हैं. कामगारों का कहना है कि ठंड की वजह से समय पर काम नहीं मिल पा रहा है, जिससे आर्थिक संकट भी गहराता जा रहा है. लोग अपने-अपने घरों के बाहर तथा चौक-चौराहों पर अलाव जलाकर ठंड से बचाव करने को मजबूर हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Kumar Ashish

लेखक के बारे में

By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन