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स्वतंत्रता संग्राम में राजेंद्र बाबू की थी महत्वपूर्ण भूमिका

Updated at : 03 Dec 2025 7:48 PM (IST)
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स्वतंत्रता संग्राम में राजेंद्र बाबू की थी महत्वपूर्ण भूमिका

बीएनएमयू के अंतर्गत वीमेंस कॉलेज कौशल्या ग्राम मधेपुरा में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती धूमधाम से मनायी गयी.

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मधेपुरा. बीएनएमयू के अंतर्गत वीमेंस कॉलेज कौशल्या ग्राम मधेपुरा में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती धूमधाम से मनायी गयी. कॉलेज के संस्थापक डॉ अशोक कुमार यादव ने कहा कि डॉ राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर, 1884 को बिहार के जीरादेई गांव में हुआ था. वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी, भारतीय राजनीतिज्ञ और भारत गणराज्य के पहले राष्ट्रपति थे. उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और भारत के संविधान को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वीमेंस कॉलेज के सचिव डॉ भगवान कुमार ने कहा कि राजेंद्र बाबू का स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका थी. 28 फरवरी, 1963 को उनका निधन हो गया. 1917 में महात्मा गांधी के साथ चंपारण सत्याग्रह में भाग लिया. वीमेंस कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक डॉ माधव कुमार ने कहा कि 1931 के नमक सत्याग्रह में एक प्रमुख कार्यकर्ता के रूप में शामिल हुए और उन्हें बिहार का प्रमुख बनाया गया. 1962 तक वे भारत के पहले राष्ट्रपति रहे. इस मौके पर डॉ कौशल कुमार, डॉ ललण कुमार, डॉ अनिल कुमार यादव, नीलू कुमारी, डॉ उपासना कुमारी, प्रियंका कुमार, अंकिता, जय श्री कुमारी, अयुषी यादव, काजल कुमारी, रिचा कुमारी, बादल कुमारी, संतोष कुमार, अंशु कुमारी, जूही कुमारी, नेहा कुमारी, प्रियंका कुमारी, अंजली कुमारी आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Kumar Ashish

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Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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