सदर अस्पताल मधेपुरा में सीटी स्कैन सेवा बंद, मरीज परेशान

Updated:
विज्ञापन
सदर अस्पताल मधेपुरा में सीटी स्कैन सेवा बंद, मरीज परेशान

सदर अस्पताल

Madhepura news: मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि इमरजेंसी में आने वाले हेड इंजरी मरीजों के लिए तुरंत सीटी स्कैन जरूरी होता है, लेकिन अस्पताल में सुविधा नहीं रहने से उन्हें सहरसा, भागलपुर या पटना तक जाना पड़ता है. कई बार मरीजों को एंबुलेंस से घंटों सफर करना पड़ता है.

विज्ञापन

मधेपुरा से अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट:

Madhepura news: मधेपुरा जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल होने के बावजूद सदर अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा बंद पड़ी है. इससे गंभीर मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. न्यूरो, हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटना और सिर में गंभीर चोट वाले मरीजों को जांच के लिए निजी सेंटरों या दूसरे जिलों में रेफर किया जा रहा है.

मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि इमरजेंसी में आने वाले हेड इंजरी मरीजों के लिए तुरंत सीटी स्कैन जरूरी होता है, लेकिन अस्पताल में सुविधा नहीं रहने से उन्हें सहरसा, भागलपुर या पटना तक जाना पड़ता है. कई बार मरीजों को एंबुलेंस से घंटों सफर करना पड़ता है.

परिजनों के अनुसार निजी जांच केंद्रों में ब्रेन सीटी स्कैन के लिए 2000 से 3500 रुपये तक लिए जाते हैं, जबकि सरकारी दर काफी कम है. ऐसे में गरीब और बीपीएल परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है.

स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ समय पहले सदर अस्पताल में सीटी स्कैन सेवा शुरू होने की खबर आई थी, जिससे मरीजों को राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से सेवा बंद हो गई है. लोगों का कहना है कि बिहार और झारखंड के कई सदर अस्पतालों में 24 घंटे सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध है, तो मधेपुरा में यह सुविधा क्यों नहीं चालू हो पा रही है.

मरीजों ने मांग की है कि सदर अस्पताल में जल्द से जल्द सीटी स्कैन यूनिट चालू की जाए. जब तक मशीन शुरू नहीं होती, तब तक आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी जांच केंद्रों से समझौता कर मुफ्त जांच की व्यवस्था की जाए. साथ ही 24 घंटे टेक्नीशियन और रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की भी मांग की गई है.

जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मियों की कमी भी बड़ी समस्या बनी हुई है. अस्पताल की बाहरी व्यवस्था भले बेहतर दिखती हो, लेकिन अंदर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति कमजोर बताई जा रही है.

लोगों का कहना है कि सीटी स्कैन सुविधा नहीं होने के कारण हर महीने बड़ी संख्या में मरीजों को पीएमसीएच और डीएमसीएच जैसे बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाता है. कई बार गंभीर मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं.

विज्ञापन
Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन