घर बनाना हुआ महंगा, मौरंग-बालू-सीमेंट के दाम चढ़े, सरिया सस्ता हुआ, 13 लाख वाला मकान अब 15 लाख तक पहुंचा

Author Aman Kumar|Edited by Amit Kr Sinha
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दुकान के बाहर रखी सरिया. | Prabhat Khabar Network

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निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों ने घर बनाने वालों की जेब पर सीधा असर डाला है. मौरंग, बालू और सीमेंट के दाम तेजी से बढ़े हैं, जिससे मकान बनाने का बजट बढ़ गया है. हालांकि, सरिया के दाम में आई कमी से थोड़ी राहत मिली है.

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मकान बनाने की तैयारी कर रहे लोगों की जेब पर अब निर्माण सामग्री की महंगाई का सीधा असर पड़ रहा है. मौरंग, बालू, सीमेंट और गिट्टी के दाम बढ़ने के साथ मजदूरी भी महंगी हो गयी है. पिछले एक सप्ताह में मौरंग के दाम में बड़ा उछाल आया है. वहीं सीमेंट की कीमत में अगले माह तक और वृद्धि के संकेत कारोबारियों ने दिये हैं. हालांकि, सरिया के भाव में करीब चार रुपये प्रति किलो तक की राहत मिली है.

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एक सप्ताह में मौरंग के दाम में बड़ा उछाल

निर्माण कारोबारियों के अनुसार, एक सप्ताह पहले तक करीब 53 रुपये प्रति घन फुट बिकने वाली मौरंग अब 65 रुपये प्रति घन फुट तक पहुंच गयी है. बालू और गिट्टी के दाम में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. कारोबारियों का कहना है कि परिवहन खर्च बढ़ने के कारण निर्माण सामग्री की कीमतों पर दबाव बढ़ा है. हालांकि, मांग में कमी आने पर इन कीमतों में दोबारा गिरावट भी संभव है.

सीमेंट की बोरी 10 से 15 रुपये हुई महंगी

सीमेंट की 50 किलो की बोरी के दाम में भी 10 से 15 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है. कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल सीमेंट की कीमतों में और तेजी के संकेत हैं और अगले महीने तक इसकी कीमत बढ़ सकती है. इससे मकान निर्माण का बजट और बढ़ने की संभावना है.

टाइल्स और पाइप के खर्च ने भी बढ़ायी चिंता

कारोबारी सूरज कुमार के अनुसार, अलग-अलग कंपनियों की टाइल्स की कीमतों में 10 से 15 रुपये तक की वृद्धि हुई है. वहीं पाइप और फिनिशिंग से जुड़े खर्च में भी करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के साथ लेबर खर्च बढ़ने से मकान की कुल लागत पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है.

सरिया सस्ता होना लोगों के लिए राहत

निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के बीच सरिया के भाव में कमी लोगों के लिए राहत की खबर है. सरिया कारोबारी रमेश गुप्ता ने बताया कि पहले करीब 60 रुपये प्रति किलो बिकने वाला सरिया अब 56 रुपये प्रति किलो तक मिल रहा है. यानी कीमत में करीब चार रुपये प्रति किलो की कमी आयी है.

12-13 लाख का मकान अब 15 लाख में तैयार

भवन निर्माण कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार, निर्माण सामग्री और मजदूरी महंगी होने का असर सीधे मकान के कुल बजट पर पड़ा है. पहले जिस छोटे मकान के निर्माण में करीब 12 से 13 लाख रुपये खर्च होते थे, अब उसी मकान को तैयार करने में करीब 15 लाख रुपये तक खर्च हो रहे हैं. वहीं, 30 लाख रुपये में बनने वाला मकान अब 32 से 36 लाख रुपये तक पहुंच रहा है.

खुदरा बाजार में निर्माण सामग्री के ताजा भाव

ईंट की कीमत फिलहाल 13,500 से 14,000 रुपये प्रति ट्रैक्टर है. मोटा बालू 4,500 से 5,000 रुपये प्रति ट्रैक्टर और मोटी गिट्टी 9,000 से 9,200 रुपये प्रति ट्रैक्टर (100 मन) बिक रही है. सीमेंट की कीमत 370 से 450 रुपये प्रति पैकेट है. सरिया 5,600 से 6,100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर उपलब्ध है.

निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की दैनिक मजदूरी 550 से 600 रुपये और राजमिस्त्री की मजदूरी 800 से 950 रुपये प्रतिदिन हो गयी है. ऐसे में निर्माण सामग्री और श्रम दोनों के महंगे होने से घर बनाने वालों का बजट लगातार बढ़ रहा है.

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