मधेपुरा में बाल श्रम के खिलाफ छापेमारी, धावा दल ने 2 बच्चों को कराया मुक्त; नियोजकों पर कार्रवाई
मधेपुरा में श्रम विभाग की बड़ी कार्रवाई: धावा दल ने छापेमारी कर 02 बाल श्रमिकों को कराया विमुक्त | Prabhat Khabar Network
मधेपुरा में श्रम विभाग ने बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है. धावा दल ने औचक छापेमारी कर दो बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है. बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
Madhepura Child Labour Action: मधेपुरा. बाल श्रम के खिलाफ मधेपुरा जिले में श्रम विभाग की ओर से चलाये जा रहे विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई की गयी है. श्रम अधीक्षक, मधेपुरा के निर्देश पर गठित धावा दल ने जिले के चिह्नित स्थलों पर औचक छापेमारी कर कार्यस्थल से दो बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया. दोनों बच्चों को संरक्षण में लेते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.
श्रम विभाग की इस कार्रवाई के बाद बाल श्रम कराने वाले नियोजकों में हड़कंप मचा हुआ है. अभियान के दौरान श्रम विभाग, सामाजिक संगठन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की.
चिह्नित स्थलों पर पहुंची धावा दल की टीम
बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत 9 सितंबर को धावा दल का गठन किया गया था. इसके बाद टीम ने जिले के चिह्नित स्थलों पर औचक छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान दो बाल श्रमिकों को कार्यस्थल से विमुक्त कराया गया.
विमुक्त कराये गये दोनों बच्चों को संरक्षण में लिया गया है. अधिकारियों के अनुसार उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा. इसके बाद बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
कई प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रहे शामिल
छापेमारी के लिए गठित धावा दल में उदाकिशुनगंज के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सागर कुमार चौधरी, मधेपुरा के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी चंदन पासवान, मुरलीगंज की श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कुमारी शैलजा, शंकरपुर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी लक्ष्मण कुमार एवं गम्हरिया के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अनीश राज शामिल थे.
अभियान में बाल अधिकारों के लिए वैश्विक स्तर पर काम करने वाले सामाजिक संगठनों के गठबंधन जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के मधेपुरा सहयोगी संगठन लोक भारती सेवा आश्रम के जिला समन्वयक विकास कुमार भी मौजूद रहे.
बाल श्रम कराने पर होगी कानूनी कार्रवाई
श्रम अधिकारियों ने बताया कि बच्चों से बाल श्रम कराना कानूनन संज्ञेय अपराध है. अभियान के दौरान विमुक्त कराये गये दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
वहीं, बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठानों और नियोजकों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
Madhepura Child Labour Action: अभियान से बाल श्रम के खिलाफ सख्ती का संदेश
श्रम विभाग की इस कार्रवाई से जिले में बाल श्रम के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान को मजबूती मिली है. औचक छापेमारी के जरिये कार्यस्थलों पर बाल श्रमिकों की मौजूदगी की जांच की जा रही है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जायेगी.

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