मिठाई स्टेशन पर कथित फर्जी टिकट का मामला गरमाया, वायरल वीडियो से उठे सवाल, रेलवे अधिकारियों ने शुरू की जांच
मिठाई रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को नियमित टिकट के बजाय कथित तौर पर स्लिप पर यात्रा विवरण देने का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद रेलवे की जांच शुरू हो गई है. स्टेशन संवेदक से पूछताछ की जा रही है.
मधेपुरा के मिठाई रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को कथित तौर पर नियमित टिकट के बजाय स्लिप पर यात्रा विवरण देने का मामला सामने आने के बाद हंगामा मच गया. मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद रेलवे की जांच और सवालों के घेरे में आ गयी है. हालांकि वासरल वीडियो की पुष्टि प्रभात खबर नहीं करता है.
स्लिप पर पूर्णिया कोर्ट का टिकट देने की शिकायत से मचा हंगामा
पूर्व मध्य रेलवे के अधीन मिठाई रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक यात्री ने मिठाई से पूर्णिया कोर्ट जाने के लिए नियमित रेलवे टिकट के बजाय स्लिप पर विवरण लिखकर दिए जाने की शिकायत की. शिकायत सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीण स्टेशन पर जुट गए और हंगामा शुरू कर दिया.
स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि मिठाई स्टेशन पर पिछले कई महीनों से विभिन्न स्थानों के कथित तौर पर फर्जी टिकट दिए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं. हालांकि, इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
वायरल वीडियो में स्टेशन संवेदक की बातचीत का दावा
इसी बीच मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में स्टेशन संवेदक कौशल किशोर भगत किसी व्यक्ति से बातचीत करते हुए कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं कि "हमको सभी टिकट देने का अधिकार है, हम सब टिकट दे सकते हैं." इसके बाद वे कथित तौर पर कहते हैं कि यदि किसी को परेशानी है तो सूचना दी जा सकती है.
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. वीडियो में हुई बातचीत का पूरा संदर्भ भी स्पष्ट नहीं है. ऐसे में वीडियो में कही गयी बातों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं होगा.
रेलवे अधिकारियों ने स्टेशन पहुंचकर शुरू की जांच

मामले की सूचना मिलने पर डीसीआई संजय शर्मा और दौराम मधेपुरा के आरपीएफ एएसआई एनके सिंह मिठाई रेलवे स्टेशन पहुंचे. अधिकारियों ने टिकट काउंटर समेत स्टेशन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण शुरू किया. दोपहर 12 बजे तक जांच की प्रक्रिया जारी थी.
डीसीआई संजय शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के आधार पर स्टेशन का निरीक्षण किया गया है और मामले की जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि जिस स्लिप पर टिकट दिए जाने की बात सामने आ रही है, वह फिलहाल टिकट काउंटर से नहीं मिली है.
जांच में साफ होगा टिकट देने का अधिकार और स्लिप का राज

वायरल वीडियो और यात्री की शिकायत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल स्टेशन संवेदक के टिकट जारी करने के अधिकार को लेकर है. जांच में यह भी देखा जाएगा कि संवेदक को किस तरह के टिकट जारी करने की अनुमति थी और यात्रियों को टिकट देने की निर्धारित रेलवे प्रक्रिया क्या है.
इसके साथ ही कथित स्लिप किस उद्देश्य से जारी की गयी थी और क्या उसका संबंध रेलवे की अधिकृत टिकट प्रणाली से था, यह भी जांच का अहम हिस्सा होगा. फिलहाल रेलवे अधिकारियों की जांच जारी है. कथित फर्जी टिकट के आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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