दिल्ली में मजदूरी के दौरान हादसा, अरहा महुआ के युवक की मौत, परिवार में कोहराम
विलाप करते परिजन | Prabhat Khabar Network
दिल्ली में काम के दौरान हाइड्रा मशीन से सरिया गिरने से 21 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई. इस हादसे ने परिवार को तोड़ दिया है, खासकर उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चों के सामने अब भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है. कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं.
Delhi Labour Accident: दिल्ली में मजदूरी करने गए मधेपुरा के एक 21 वर्षीय युवक की दर्दनाक हादसे में मौत हो गई. घैलाढ़ थाना क्षेत्र के अरहा महुआ पंचायत के वार्ड संख्या 14 निवासी उमेश यादव के पुत्र पांडव उर्फ सेंटू कुमार की जान उस समय चली गई, जब काम के दौरान हाइड्रा मशीन से ऊपर ले जाया जा रहा सरिया का भारी बंडल अचानक नीचे गिर गया. बंडल की चपेट में आने से पांडव गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.
पांडव की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया. महज 21 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गए पांडव अपने पीछे पत्नी, एक वर्ष की बेटी और करीब आठ महीने के दुधमुंहे बेटे को छोड़ गए हैं. परिवार के लिए यह हादसा सिर्फ एक सदस्य को खोने का दर्द नहीं है, बल्कि दो छोटे बच्चों के भविष्य की बड़ी चिंता भी सामने खड़ी हो गई है.
गांव से दिल्ली मजदूरी करने गया था पांडव
परिजनों के अनुसार, गांव के ही संवेदक/ठेकेदार राजकुमार यादव, जिन्हें मिसरी उर्फ रमेश यादव का पुत्र बताया जाता है, पांडव को मजदूरी कराने के लिए दिल्ली ले गए थे. वहां महिपालपुर एयरपोर्ट के समीप अहलुवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड के कार्यस्थल पर एंजेलिका एरोसिटी वर्क्स के माध्यम से सरिया बांधने का काम कराया जा रहा था.
परिजनों के मुताबिक, पांडव इसी काम में मजदूरी कर रहा था. संबंधित कार्य का आईडी नंबर 6666000000049973 बताया गया है.
4 सितंबर 2026 को काम के दौरान हाइड्रा मशीन की मदद से सरिया का एक बंडल ऊपर ले जाया जा रहा था. इसी दौरान बंडल को बांधने वाला बेल्ट टूट गया. इसके बाद भारी सरिया नीचे गिर गया और पांडव उसकी चपेट में आ गया.
हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया. आनन-फानन में उसे सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पत्नी का आरोप- घायल बताया, मौत की जानकारी बाद में मिली
पांडव की पत्नी ने घटना के बाद ठेकेदार पर सही जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि हादसे के बाद उन्हें बताया गया कि पति घायल है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. बाद में किसी अन्य माध्यम से उन्हें पता चला कि पांडव की ड्यूटी के दौरान ही मौत हो चुकी है.
इसके बाद मृतक के ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों को दिल्ली भेजा गया. वहां से शव को गांव लाया गया. परिजनों का आरोप है कि अगर उन्हें घटना और मौत की जानकारी समय पर दी जाती तो वे पहले ही दिल्ली पहुंच सकते थे.
परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद ठेकेदार की ओर से किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं दी गई. हालांकि, इस मामले में ठेकेदार अथवा संबंधित कंपनी का पक्ष अभी सामने नहीं आया है.
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
हादसे के बाद परिजनों ने कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे. परिजनों का कहना है कि यदि काम के दौरान जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता और सरिया के बंडल को सुरक्षित तरीके से उठाने की व्यवस्था होती तो हादसा टाला जा सकता था.
मजदूरों की सुरक्षा को लेकर उठे ये सवाल अब जांच का अहम हिस्सा बन सकते हैं. खासकर उस स्थिति में जब भारी सरिया को मशीन के जरिए ऊपर ले जाया जा रहा था और इसी दौरान बंडल का बेल्ट टूट गया.
दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी अब परिवार के सामने
पांडव की मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी गहरा असर पड़ा है. मृतक की पत्नी के सामने अब एक वर्ष की बेटी और करीब आठ महीने के बेटे की परवरिश की जिम्मेदारी आ गई है. परिवार में मृतक की मां, पिता, दादा-दादी और अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल है.
गांव में घटना की जानकारी मिलने के बाद से शोक का माहौल है. परिवार को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि इतनी कम उम्र में पांडव की मौत के बाद बच्चों की परवरिश और भविष्य की जिम्मेदारी कैसे पूरी होगी.
Delhi Labour Accident: परिजनों ने निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग की
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, कार्यस्थल पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और मजदूरों को जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए.
परिजनों ने मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाने की भी मांग की है. साथ ही ठेकेदार और निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर दोष पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की गई है.
फिलहाल परिवार अपने 21 वर्षीय बेटे और बच्चों के पिता को खोने के सदमे में है. हादसे की परिस्थितियों और कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. ठेकेदार अथवा संबंधित कंपनी का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है.


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