मधेपुरा में सदर अस्पताल की इमरजेंसी में बढ़ी मरीजों की भीड़, डॉक्टरों ने जारी की चेतावनी

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मधेपुरा में सदर अस्पताल की इमरजेंसी में बढ़ी मरीजों की भीड़, डॉक्टरों ने जारी की चेतावनी

मधेपुरा में सदर अस्पताल की इमरजेंसी में बढ़ी मरीजों की भीड़

Diarrhoea Alert In Madhepura: भीषण गर्मी और बदलते मौसम ने बढ़ाई परेशानी. मधेपुरा में डायरिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. सदर अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है.

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अमन श्रीवास्तव, मधेपुरा.

Diarrhoea Alert In Madhepura: मधेपुरा जिले में मौसम के लगातार बदलते मिजाज और तेज गर्मी के बीच डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. हालात ऐसे हैं कि सदर अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई है. सुबह से देर रात तक इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ अस्पताल की व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव बना रही है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों में डायरिया के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं.

इमरजेंसी वार्ड में बढ़ा दबाव, मरीजों की लंबी कतार

सदर अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या में अचानक उछाल आया है. मरीज उल्टी, दस्त, कमजोरी और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं. कई मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती कर सलाइन और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं.

डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव और दूषित भोजन-पानी के सेवन के कारण डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं. गर्मी में पानी जल्दी खराब हो जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.

खुले खाद्य पदार्थ बन रहे बीमारी की बड़ी वजह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क किनारे बिकने वाले खुले खाद्य पदार्थ और अस्वच्छ पानी डायरिया फैलने की प्रमुख वजह हैं. अस्पताल में भर्ती कई मरीजों के परिजनों ने बताया कि अचानक दस्त और उल्टी की शिकायत होने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल लाना पड़ा.

कुछ मरीजों ने अस्पताल में बढ़ती भीड़ के कारण इलाज में देरी और बेड की कमी की शिकायत भी की है. हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं.

स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया जागरूकता अभियान

सिविल सर्जन विजय कुमार ने बताया कि डायरिया मरीजों के लिए अलग वार्ड और अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है. डॉक्टरों और नर्सों की ड्यूटी बढ़ा दी गई है ताकि किसी मरीज को इलाज में परेशानी न हो.

स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव जाकर लोगों को स्वच्छता, साफ पानी के उपयोग और ओआरएस के महत्व के बारे में जागरूक कर रही है. आशा कार्यकर्ताओं को भी विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है.

इन सावधानियों से बच सकते हैं डायरिया से

विशेषज्ञों का कहना है कि लोग उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं, ताजा भोजन का सेवन करें और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें. बच्चों को खाना खाने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथ धोने की आदत जरूर डालनी चाहिए. समय पर सावधानी बरतने से डायरिया के बढ़ते खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है.

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प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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