मधेपुरा.
तापमान में बढ़ोत्तरी से सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या में वृद्धि हो गयी है, जिससे लोग वायरल संक्रमण और अन्य मौसमी बिमारियों का शिकार हो रहे हैं. सदर अस्पताल प्रशासन ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले जहां औसतन पांच सौ मरीज जिला अस्पताल आते थे, लेकिन अब मौसम बदलने से यह आंकड़ा सात सौ के पार हो गया है. बच्चे भी इससे प्रभावित हो रहे हैं.15 दिनों में सदर अस्पताल में विभिन्न बीमारियों से ग्रसित करीब चार हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचे है. इनमें सर्दी, जुकाम, वायरल फीवर के अधिक हैं. इनमें से अधिकांश मरीजों के रक्त परीक्षण रिपोर्ट में प्लेटलेट्स की संख्या कम आ रही है, इससे डेंगू संक्रमण का खतरा एक बार फिर बढ़ने की संभावना है.
हालांकि डेंगू की पुष्टि के लिए एलिजा टेस्ट जिला मुख्यालय पर होता है, लेकिन इस बीमारी के लक्षण सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट होकर सर्वे करवा रहा हैं. साथ ही नगर परिषद के साथ मिलकर नगर में लार्वा नष्ट करने के लिए दवाई का छिड़काव व फागिंग मशीन से धुआं भी करवाया जाने की तैयारी की जा रही हैं.प्रतिदिन सदर अस्पताल में आने वाले मरीजों में से अधिकांश में या टाइफाइड, डेंगू जैसी बीमारी का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है. सदर अस्पताल के वार्ड में मरीजों की संख्या अधिक होने पर बेड कम पड़ रहे हैं. अभी तक करीब विभिन्न बीमारियों से संबंधित उपचार के लिए अस्पताल आ चुके हैं, जबकि इससे कहीं अधिक संख्या में मरीज निजी क्लीनिकों पर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं. सदर अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि दिन रात बारिश का असर सेहत पर देखने को मिलने लगा है. बदलते मौसम में लाेगों की हल्की सी भी लापरवाही नुकसान कर रही है. ऐसे में डॉक्टर आने वाले मरीजों को खाने पीने में परहेज के साथ ठंडी चीजाें के सेवन से मना कर रहे हैं.
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में ईएनटी, जनरल सर्जन, फिजीशियन, बाल रोग विभाग के कक्ष में मरीज ज्यादा थे. आंकड़ाें के अनुसार अभी अस्पताल में आने वाले मरीज की संख्या में करीब 50 फीसदी मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार, थकान से ही प्रभावित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

