नगरीय नहीं, नारकीय हुआ लोगों का जीवन

Published at :05 Jun 2017 3:21 AM (IST)
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नगरीय नहीं, नारकीय हुआ लोगों का जीवन

परेशानी. शहर में बढ़ी गंदगी, लोग परेशान उमस भरी गरमी में गंदगी की बदबू से लोगों का सड़क पर चलना व मोहल्ले में रहना दूभर हो गया है. भीषण गरमी में इस बदबू से लोगों को बीमार पड़ने की आशंका बढ़ गयी है. लोगों का कहना है कि शहर की कुव्यवस्था के कारण यहां का […]

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परेशानी. शहर में बढ़ी गंदगी, लोग परेशान

उमस भरी गरमी में गंदगी की बदबू से लोगों का सड़क पर चलना व मोहल्ले में रहना दूभर हो गया है. भीषण गरमी में इस बदबू से लोगों को बीमार पड़ने की आशंका बढ़ गयी है. लोगों का कहना है कि शहर की कुव्यवस्था के कारण यहां का जीवन नगरीय नहीं, बल्कि नारकीय हो गया है.
मधेपुरा : नगर निकाय चुनाव के परिणाम के बाद नयी नगर सरकार बनने जा रही है. शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की जिम्मेवारी 26 वार्ड पार्षदों पर है. शहर कई वर्षों से विकास के लिए कराह रहा है. इस बार के चुनाव में जनता ने कई पुराने वार्ड पार्षदों को भी जीता कर उन पर अपना भरोसा जताया है. लोगों को उनसे इन पांच वर्षों में काफी उम्मीदें हैं. अधूरे कार्यों को पूरा कराना नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों की जिम्मेवारी भी है. नप क्षेत्र में इन दिनों नाले की सफाई की जा रही है.
नाले का गाद सड़क पर ही रखा जाता है. उमस भरी गरमी व हवा के कारण में सड़क पर लोगों का चलना दूभर हो गया है. इस बाबत बाजार आये सदर प्रखंड के संजीत कुमार ने बताया कि लोग नाक पर रूमाल लेकर चलते हैं. लेकिन, नाले के गाद से इतनी बदबू निकलती है कि लोगों को बीमार पड़ सकते हैं. इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं किया गया. मुख्य बाजार से पंचवटी चौक जाने वाली सड़क की स्थिति नारकीय बनी हुई है. इस सड़क के बीचों बीच नाले का निर्माण किया गया.
लेकिन साल के 365 दिन में से एक भी दिन ऐसा नहीं है कि इस गली को साफ सूथरा करवाया जाय. स्थानीय लोग भी यत्र तत्र घर का पानी सड़क पर बहाते हैं. अभी नाले क्षतिग्रस्त है. अगर रात में इधर से कोई गुजरे तो बड़ी हादसा हो सकती है. शहर में सबसे बड़ी समस्या जल जमाव, सड़क जाम, गंदगी, क्षतिग्रस्त नाले की है.
शहर को गंदगी ने बीमार कर दिया है. इस शहर की आबोहवा को गंदगी और कचरे ने बीमार कर रखा है. इसके पीछे सड़क पर जहां-तहां फैले कचरे के बीच सूअरों की धमा-चौकड़ी, असहनीय बदबू, सड़कों पर आवारा कुत्तों का आतंक इसके प्रमुख कारण हैं. नगर परिषद के सामने शहर की अपेक्षाओं के अनुरूप खरा उतरने की बड़ी चुनौती होगी. शहर के लिए बने नियम-कानून का पालन नहीं हो रहा है. नाली, सड़क और पानी निकासी, हवा आदि का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है.
शहर की सड़क और नालियों पर जहां मन किया, वहीं दुकान लगा कर अतिक्रमण कर लिया गया है. इतना ही नहीं सड़कों पर जहां-तहां वाहनों को पार्क किया जा रहा है, जिससे पूरा शहर जाम की समस्या से जूझता है. नगर सरकार नियमों का पालन नहीं करा पा रही है. इसके कारण शहर का विकास ठहर-सा गया है. प्लान-वे में विकास नहीं हो रहा है.
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