पुलिस की मुस्तैदी में होगा शहर चकाचक

Published at :17 Oct 2016 12:00 AM (IST)
विज्ञापन
पुलिस की मुस्तैदी में होगा शहर चकाचक

मधेपुरा : नगर परिषद क्षेत्र में कचरों को साफ करने के लिए मंगलवार से नगर परिषद के निर्देश पर दोनों एनजीओ द्वारा अभियान चलाया जायेगा. इस बाबत कार्यपालक पदाधिकारी ने सोमवार को बैठक कर नगर परिषद के सभी कर्मीयों को सुबह सात बजे से तैनात रहने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि डीएम साहब […]

विज्ञापन

मधेपुरा : नगर परिषद क्षेत्र में कचरों को साफ करने के लिए मंगलवार से नगर परिषद के निर्देश पर दोनों एनजीओ द्वारा अभियान चलाया जायेगा. इस बाबत कार्यपालक पदाधिकारी ने सोमवार को बैठक कर नगर परिषद के सभी कर्मीयों को सुबह सात बजे से तैनात रहने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि डीएम साहब के आदेश पर पुलिस बल भी मुस्तैद रहेंगे और शहर को चकाचक किया जायेगा. स्थानीय सफाई कर्मियों ने नगर परिषद के अधीन काम करने को मुद्दा बना कर हड़ताल कर रखा है.

इस मामले में नगर परिषद प्रशासन को एनजीओ द्वारा लिख कर दिया गया है कि उनके मजदूरों को काम नहीं करने दिया जा रहा है. उनके मजदूरों के साथ स्थानीय सफाई कर्मी दुर्व्यवहार कर रहे है. जबकि बिहार सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों को दैनिक मजदूरी कार्य पर लगाने से प्रतिबंधित कर दिया है. इतना ही नहीं वर्ष 2013 – 14 एवं 2014-15 में दैनिक मजदूरी पर हुए 43 लाख 84 हजार 184 रूपये के भुगतान को अनियमितता बताया है.

नगर परिषद द्वारा दैनिक मजदूर रखने को आवश्यक बताते हुए गुहार लगायी गयी, लेकिन इसे अमान्य करार दिया गया है. सरकार ने दैनिक मजदूरी को कर रखा प्रतिबंधित डोर टू डोर कचरा संग्रह योजना के तहत मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र को दो भागों में बांटते हुए दो एनजीओ को कार्य आवंटित किया गया है. वार्ड नंबर एक से 13 तक पंच फाउंडेशन को कार्य दिया गया है. वहीं वार्ड 14 से 26 तक जीवन ज्योति संस्थान को कचरा संग्रह करना है.

दोनों एनजीओ ने दो अक्टुबर से कार्य शुरू भी किया. इस बीच नगर परिषद मधेपुरा में दैनिक वेतन पर कार्य कर रहे सफाई कर्मियों ने असहयोग शुरू किया. इनका कहना था कि नगर परिषद के अधीन ही सफाई कार्य रहे. वहीं नगर परिषद ने स्पष्ट कर दिया कि सफाई कार्य नगर विकास विभाग के निर्देश के अनुसार एनजीओ के माध्यम से कराना है. शहर के हर नागरिक तक कचरा संग्रह योजना को बगैर ढांचा गत रूप दिये और एनजीओ को सौंपे संभव नहीं है.

कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि बिहार सरकार के पत्र संख्या 04 नसे 01-103/87-1231नविवि समेत अन्य पत्र द्वारा शहरी स्थानीय निकायों को दैनिक मजदूरी पर कार्य पर लगाने से प्रतिबंधित किया गया है. वहीं इसी पत्रांक द्वारा साफ सफाई कार्य बाह्य श्रोत से निविदा कर कराने का निर्देश है. दैनिक मजदूरी पर 43.84 लाख व्यय अनियमितता बिहार सरकार द्वारा नगर परिषद मधेपुरा के वर्ष 2013 – 14 एवं 2014-15 के रोकड़ बही के जांच में दैनिक मजदूरी पर 4384184 रूपया का अनियमित भुगतान पर आपत्ति व्यक्त करते हुए जबाब तलब किया गया.

इस मामले में नगर परिषद कार्यालय में उत्तर दिया कि महत्ता को देखते हुए दैनिक मजदूर रखना आवश्यक है. लेकिन सरकार ने इस उत्तर को अमान्य करते हुए कहा कि बिना सक्षम प्राधिकार के व्यय करना अनियमितता है. साफ सफाई कार्य बाहरी श्रोत से निविदा आमंत्रण कर कराया जाय. इस संबंध में बिहार सरकार के नगर विकास विभाग द्वारा प्रेषित पूर्व के पत्रों का भी हवाला दिया गया है. इसके बाद नगर परिषद में हलचल है. दैनिक मजदूरों को मजदूरी पर रख कर भुगतान करने के लिए कोई तैयार नहीं है. कहते हैं सफाई कर्मी सफाई कर्मियों का कहना है उनलोगों ने अपनी सेवा स्थायी करण के लिए हाइकोर्ट में मामला दायर किया है.

इस मामले के निपटारा तक नगर परिषद को उनलोगों से काम लेना चाहिए. वहीं वे एनजीओ पर ड्रेस, दस्ताना तथा अन्य उपकरण नहीं उपलब्ध कराने की बात भी कहते है. इन मजदूरों का कहना है कि बाहर से मजदूर लाकर इनकी रोजी रोटी छीनी जा रही है. उसका भी विरोध कर रहे है. कहते हैं एनजीओ संचालकपंच फाउंडेशन व जीवन ज्योति संस्थान के संचालक कहते हैं कि डोर टू डोर कचरा संग्रह समेत शहर की सफाई के लिए उन्हें कार्य आवंटित है. स्थानीय सफाई कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने का आग्रह किया गया. लेकिन वे लोग एक दो दिन कार्य करने के बाद विरोध करने लगे.

बाहर से सफार्इ कर्मी को लाकर जब व्यवस्था को सुचारू किया गया तो उन्हीं में से कुछ आकर मारपीट व धमकी देने लगे. शुरू में एनजीओ ने बाहर से मजदूर लाकर कार्य जारी रखा. लेकिन इन दिनों स्थानीय सफाई कर्मियों द्वारा इन मजदूरों को परेशान किया जाने लगा. इसके बाद एनजीओ इस मामले में कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिख कर अविलंब हस्तक्षेप की गुहार लगायी. दोनों एनजीओ का कहना है कि स्थानीय सफाई कर्मी कार्य नहीं करना चाहते है और शहर की सफाई व्यवस्था दुरूस्त हो इसका भी विरोध करते हुए हाथा पायी पर उतारू हो जाते है.

दोनों एनजीओ ने कहा कि मंगलवार से नगर परिषद के पर्यवेक्षण तथा पुलिस की मुस्तैदी के बीच कार्य करने का निर्देश कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा दिया गया है. मंगलवार से शहर को सुंदर बनाने का अभियान शुरू हो जायेगा. कहते हैं कार्यपालक पदाधिकारी कार्यपालक पदाधिकारी मनोज कुमार पवन ने बताया कि बिहार सरकार के नगर विकास विभाग द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुरूप कार्य करना है. दैनिक मजदूरों को मजदूरी का भुगतान करने की मनाही है.

पहले के दैनिक मजदूरी भुगतान को भी अप्राधिकृत व्यय माना गया है. मंगलवार से नगर परिषद के कर्मी एवं पुलिस बल के बीच सफाईकार्य को गति दी जायेगी. किसी भी तरह के व्यवधान करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी. आखिरकार नियम कानून से बढ कर कुछ भी नहीं है. बहरहाल कुछ भी हो शहर की सफाई व्यवस्था को हरहाल में दुरुस्त किया जायेगा.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन