खरीद लिया सामान
Updated at : 22 Jun 2018 5:10 AM (IST)
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पंचायती राज विभाग ने कचहरी के फर्नीचर व उपस्करों के लिए भेजे थे डेढ़-डेढ़ लाख रुपये बीडीओ ने एक लाख की दर से निकासी कर कोषागार में छोड़ दी शेष राशि 31 मार्च तक निकासी नहीं करने के कारण लौट गयी 50 हजार रुपये की दर से पूरी राशि सोनवर्षाराज : अंचल क्षेत्र के ग्राम […]
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पंचायती राज विभाग ने कचहरी के फर्नीचर व उपस्करों के लिए भेजे थे डेढ़-डेढ़ लाख रुपये
बीडीओ ने एक लाख की दर से निकासी कर कोषागार में छोड़ दी शेष राशि
31 मार्च तक निकासी नहीं करने के कारण लौट गयी 50 हजार रुपये की दर से पूरी राशि
सोनवर्षाराज : अंचल क्षेत्र के ग्राम कचहरियों के फर्नीचर व आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गयी डेढ़ लाख रुपये की राशि का अंतरण बीडीओ ने ग्राम कचहरियों के खाते में अब तक नहीं किया है. जिससे सरपंचों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार द्वारा आवंटित राशि से सरपंचों को ग्राम कचहरी के लिए फर्नीचर व आवश्यक सामान खरीदना था, वह खरीदारी तत्कालीन बीडीओ ने स्वयं कर ली. अब बीडीओ सरपंचों को खरीदी गयी सामग्री लेने का दबाव बना रहे हैं. जबकि बीडीओ द्वारा वह राशि ग्राम कचहरियों के खाते में अंतरित की जानी थी.
क्या है मामला : पंचायती राज विभाग के राज्यादेश पर पंचम वित्त राज्य आयोग के अनुदान मद से ग्राम कचहरी में फर्नीचर व आवश्यक सामग्री खरीद के लिए डेढ़ लाख प्रति ग्राम कचहरी स्वीकृत की गयी थी. इस राशि में से वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए प्रथम व द्वितीय किस्त का एक लाख रुपया व वित्तीय वर्ष 2017-18 के प्रथम किस्त के रूप में 50 हजार की राशि का अंतरण बीडीओ को ग्राम कचहरी के खाते में अंतरण करना था. सरपंच को सामग्री खरीद कर भंडार पंजी में अंकित कर उपयोगिता प्रमाण पत्र बीडीओ को देना था. जिसके बाद बीडीओ को सरपंच द्वारा दिये गये उपयोगिता प्रमाण पत्र के आधार पर खरीदी गयी सामग्री का अपने पर्यवेक्षी पदाधिकारी के माध्यम से भौतिक सत्यापन कर उपयोगिता प्रमाण पत्र को डीएम तक पहुंचाना था.
क्या खरीदना है: विभाग ने अपने भेयी गयी डेढ़ लाख की राशि से ग्राम कचहरी के लिए एक कंप्यूटर, लेजर प्रिंटर, यूपीएस, एक कंप्यूटर टेबल व कुर्सी, एक सेट मोडेम, दो पंखा, एक बड़ा दरी, दस स्टील ग्लास, एक स्टील जग, तीन दराज वाला एक टेबल, एक अलमारी, सरपंच के बैठने के लिए एक कुर्सी, उपसरपंच, न्यायमित्र व सचिव के लिए उच्च गुणवत्ता वाली तीन कुर्सियां एवं उच्च गुणवत्ता की दस कुर्सी खरीदने का निर्देश दिया है.
क्या हुआ पैसों का: ग्राम कचहरी के फर्नीचर व आवश्यक सामग्री क्रय के लिए बीडीओ को उपलब्ध करायी गयी डेढ़ लाख रुपये की राशि में से एक पैसा भी आज तक किसी ग्राम कचहरी के खाते में अंतरित नहीं हो पायी है. जबकि सूत्रों की मानें तो इन पैसों से तत्कालीन प्रभारी बीडीओ नूतन कुमारी ने कुछ फर्नीचर की खरीदारी कर ली थी.
एक किस्त की एक लाख की राशि में 50 हजार की राशि से पूर्व बीडीओ नूतन कुमारी ने सहरसा के किसी दुकान से कुछ फर्नीचर की खरीदारी की थी. शेष बची 50 हजार की राशि ग्राम कचहरी के खाते में भेज दी गयी है. जबकि एक किस्त की 50 हजार की राशि का उठाव बीते 31 मार्च तक जिला कोषागार से नहीं हो पाने की वजह से सरेंडर हो गया. विभागीय निर्देश के अनुसार, बीडीओ का अधिकार सिर्फ उपलब्ध राशि को ग्राम कचहरी के खाते में अंतरित किये जाने का था. साथ ही विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गयी एक मुश्त डेढ़ लाख की राशि में से 50 हजार छोड़ कर एक लाख की राशि की निकासी कोषागार से कैसे हो गयी. कोषागार से निकासी नहीं होने की स्थिति में पूरे डेढ़ लाख रुपये की राशि को सरेंडर होना था, न कि सिर्फ 50 हजार. स्पष्ट है कि पदाधिकारी ने अपने पद व अधिकार का दुरुपयोग किया है.
सुधीर कुमार, बीडीओ
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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