मध्य विद्यालय धनेशपुर में दो शिक्षकों के भरोसे पांच सौ बच्चे
Updated at : 20 Dec 2017 3:30 AM (IST)
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उदासीनता. प्रखंड क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की स्थिति चरमरायी ग्रामीणों ने की अधिकारियों से कार्रवाई की मांग चौसा : प्रखंड अंतर्गत चिरौरी पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय अजगैवा में लगभग पांच वर्षों से अर्धनिर्मित स्कूल से बच्चों को पठन – पाठन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यहां तक कि पूर्व प्रधानाध्यापक किशोर […]
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उदासीनता. प्रखंड क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की स्थिति चरमरायी
ग्रामीणों ने की अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
चौसा : प्रखंड अंतर्गत चिरौरी पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय अजगैवा में लगभग पांच वर्षों से अर्धनिर्मित स्कूल से बच्चों को पठन – पाठन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यहां तक कि पूर्व प्रधानाध्यापक किशोर कुमार भारती स्कूल की 14 लाख से अधिक राशि की निकासी कर ली है, जिसका इसका हिसाब किताब नहीं मिल रहा है. स्कूल निर्माण नहीं होने से बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. यहां तक कि शौचालय की राशि भी उठाये जा चुके है. लेकिन शौचालय निर्माण नहीं किया गया. प्रधानाध्यापक मो मसीर आलम ने बताया कि तीन शौचालय निर्माण की राशि उठा हो चुका है. 14 लाख से अधिक रुपया स्कूल भवन बनाने के लिए पूर्व प्रधानाध्यापक ने उठा लिया है, लेकिन अब तक भवन नहीं बनाया गया है. उत्कमित मध्य विद्यालय अजगैवा से बदली करा कर नवटोलिया घसकपुर तो चले गये. पूर्व प्रधानाध्यापक के द्वारा वित्तीय प्रभार भी नहीं दिया गया है.
विद्यालय समय से संचालन के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. प्रत्येक शिक्षक को अपने कर्तव्य का ड्यूटी पर रहना है. समय से विद्यालय खुलने व विद्यालय बंद करना है. विद्यालय में मध्याह्न भोजन किसी भी सूरत में बंद नहीं रखना है. विद्यालय कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. जल्द ही प्रखंड क्षेत्र के विद्यालयों की जांच करवाया जायेगा. काम नहीं करने वाले शिक्षक व शिक्षिकाओं पर विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.
गिरीश कुमार, डीपीओ, सर्व शिक्षा, मधेपुरा
ग्रामीणों ने कहा, हमेशा बंद रहता है प्राथमिक विद्यालय परबत्ता टोला
मोरसंडा पंचायत के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय परबत्ता टोला में एक शिक्षक के सहारे विद्यालय का संचालन किया जाता है. आये दिन विद्यालय बंद ही देखने को मिलता है. आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि अधिकतर स्कूल के सभी कमरे में ताला लगा हुआ रहता है. वहीं उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनेशपुर में प्रधानाध्यापक की मनमानी के चलते बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. सहायक शिक्षक दिलीप मंडल ने कहा कि अभी स्कूल में दो शिक्षक हैं. इसमें एक शिक्षिका पूनम देवी है. शेष और दो बीएलओ में एक छुट्टी में एक ट्रेनिंग में एक प्रभारी प्रधानाध्यापक दयाशंकर शर्मा जो अभी तक नहीं आये हैं. गौरतलब है कि ऐसा शिक्षा बच्चे को मिला तो बच्चे के भविष्य के साथ – साथ समय भी बर्बाद हो रही है. यहां तक कि स्कूल में पांच सौ बच्चे की भविष्य दो शिक्षक के बदौलत अगर छोड़ दिया जाये ग्रामीण स्तर के इलाके में बच्चे की भविष्य पर प्रश्न चिह्न लग जायेगा. वहीं प्रखंड के मध्य विद्यालय मोरसंडा पंचायत के अमनी टोला, उर्दू मध्य विद्यालय मुर्गिया टोला, लाल जी साह मध्य विद्यालय लौआलगान, उत्क्रमित मध्य विद्यालय चंदसुरी टोला, भटगामा, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय करेलिया, कटरीया बासा, टपुआ टोला सहित कई अन्य जगहों पर शिक्षा की स्थिति चरमरा रही है.
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