रीढ़ से निकल रहा है मवाद नाजुक स्थिति में पटना रेफर
Updated at : 04 Dec 2017 9:02 AM (IST)
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मधेपुरा : जिले में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के जाल में फस कर प्रतिदिन कोई न कोई अपनी जान गवां रहा है. पूर्व में फर्जी डाक्टर के भरोसे संचालित अवैध नर्सिंग होम की लापरवाही से तीन महिला मरीजों की मौत हो चुकी है. हाल-फिलहाल में ललिता प्रकरण से हर कोई वाकिफ है. अब […]
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मधेपुरा : जिले में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के जाल में फस कर प्रतिदिन कोई न कोई अपनी जान गवां रहा है. पूर्व में फर्जी डाक्टर के भरोसे संचालित अवैध नर्सिंग होम की लापरवाही से तीन महिला मरीजों की मौत हो चुकी है. हाल-फिलहाल में ललिता प्रकरण से हर कोई वाकिफ है. अब सदर अस्पताल में 30 नवंबर को जन्म लेने वाली नवजात कन्या इसकी शिकार बन गयी है. जन्म के साथ ही डॉक्टरों ने देखा कि नवजात कन्या की रीढ़ से मवाद निकलने लगा है.
इस बीमारी का इलाज सदर अस्पताल में संभव नहीं था और पटना जाने के लिए आर्थिक रूप से परेशान परिजन दर-दर भटक रहे थे. इस बीच बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के जिला संयोजक मीनाक्षी वर्णवाल को इसकी सूचना मिली और उन्होंने सदर अस्पताल पहुंच कर जिंदगी की भीख मांग रही नवजात को बचाने की पहल की. मौके पर सिविल सर्जन डाॅ गदाधर प्रसाद पांडेय से वार्ता कर नवजात बच्ची को पटना
पीएमसीएच रेफर करने की प्रक्रिया शुरू की गयी. सिविल सर्जन के निर्देश से नवजात को इलाज के लिए एंबुलेंस से पटना भेजा गया. मौके पर डॉक्टरों ने बताया कि नवजात कन्या का तुरंत ऑपरेशन होना जरूरी है. इसके बाद ही इसकी जान बच सकती है. वहीं डॉक्टरों ने बताया कि गर्भवती होने के साथ ही प्रसूता को फोलिक एसिड व कैलशियम की गोली दी जानी थी, लेकिन नहीं दी जा रही थी. इससे नवजात को यह परेशानी उत्पन्न हुई.
गौरतलब है कि बैरवा मिठाई निवासी संतोष यादव की पत्नी जीवन कुमारी को सदर अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था. 30 नवंबर को प्रसव के दौरान जीवन ने एक बच्ची को जन्म दिया. लेकिन गर्भावस्था के दौरान सही इलाज नहीं होने से नवजात के न्यूरो ट्यूत में छेद था.
वहीं परिजनों ने बताया कि शहर के एक निजी नर्सिंग होम में पिछले छह माह से प्रसूता का इलाज चल रहा था. निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान दवा सूई के नाम पर ढ़ेर सारा रुपये खर्च हो गया. इसके बाद जब अस्पताल में मालूम हुआ कि बच्ची की रीढ़ में छेद है और उससे मवाद निकलने लगा है तो उनके पांव तले से जमीन खिसक गयी.
इसके बाद लगा कि पैसे के कारण मासूम की जान नहीं बच पायेगी तो लोगों से हेल्प मांगी और इस दौरान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की संयोजक ने पहल कर नवाजत को इलाज के लिए पटना रेफर करवाया. इस दौरान भाजपा महिला मोरचा की नगर महामंत्री रीता राय सहित अन्य मौजूद थी.
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