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‘बिहार की सिनेयात्रा’ के दूसरे दिन दिखी पहली भोजपुरी फिल्म, रजतपट पर बिहार की विरासत देख दर्शक हुए भावुक

Updated at : 22 Feb 2026 6:10 PM (IST)
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‘बिहार की सिनेयात्रा’ के दूसरे दिन दिखी पहली भोजपुरी फिल्म, रजतपट पर बिहार की विरासत देख दर्शक हुए भावुक

शेष सभी वरीय सरकारी सेवक लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक सदस्य होते हैं.

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संग्रहालय में तीन दिवसीय आयोजित है सिनेयात्रा कार्यक्रम

लखीसराय. कला, संस्कृति और सिनेमा को समर्पित संस्थान सिनेयात्रा द्वारा लखीसराय संग्रहालय में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम ‘बिहार की सिनेयात्रा: रजतपट की विरासत’ के दूसरे दिन पहली भोजपुरी फिल्म गंगा मइया तोहे पियरी चढ़ाईबो का प्रदर्शन किया गया. वर्ष 1963 में 22 फरवरी के ही दिन पटना के वीणा सिनेमा में रिलीज हुई, इस ऐतिहासिक फिल्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे. सामाजिक कुरीतियों पर केंद्रित इस फिल्म ने दर्शकों को भावुक और आश्चर्यचकित कर दिया. फिल्म के निर्देशक कुंदन कुमार थे, जबकि कथा-पटकथा लेखक और निर्माण के सूत्रधार अभिनेता नाज़िर हुसैन थे. फिल्म में मुख्य भूमिका असीम कुमार, कुमकुम और पद्म खन्ना ने निभायी थी. जबकि गीत शैलेंद्र के थे व संगीत चित्रगुप्त ने दिया था और स्वरों में लता मंगेशकर, सुमन कल्याणपुर तथा मोहम्मद रफी की मधुर आवाज शामिल रही. प्रदर्शन के दौरान दर्शकों ने फिल्म की ऐतिहासिक महत्ता और भावनात्मक प्रभाव को सराहा. फिल्म प्रदर्शन से पहले डीएम मिथिलेश मिश्र ने समाहरणालय कर्मियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि सरकार में संपोषित सचिवालय स्पोर्ट्स क्लब में 20 से अधिक खेल शामिल हैं, जिसमें मुख्य सचिव अध्यक्ष और विकास आयुक्त उपाध्यक्ष होते हैं. जबकि शेष सभी वरीय सरकारी सेवक लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक सदस्य होते हैं. उन्होंने अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम तीन खेलों और तीन कला विधाओं में सहभागिता रखनी चाहिए, यदि पहले से किसी खेल या कला में रुचि है तो उसे आगे बढ़ायें, और यदि नहीं है तो नयी अभिरुचि विकसित करें. इससे दिन-रात के कामकाजी तनाव को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी. कार्यक्रम के दौरान सिनेयात्रा के सचिव एवं फिल्मकार रविराज पटेल ने फिल्म की विशेषताओं और उसके निर्माण से जुड़ी रोचक जानकारियां साझा की. उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और इतिहास को समझने का प्रयास है, ऐसे कार्यक्रम हमें अपने अतीत से जोड़ते हैं और सिनेमा के सामाजिक योगदान को रेखांकित करते हैं. मौके पर पटना से आये रीजेंट सिनेमा के मालिक सुमन सिन्हा, कला संस्कृति पदाधिकारी सह संग्रहालय अध्यक्ष मृणाल रंजन ने भी विचार व्यक्त किये. कार्यक्रम में अशोक धाम ट्रस्ट के सचिव डॉ. कुमार अमित और गृह विभाग के वरीय अधिकारी राजेश वर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. ————————————————-

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Rajeev Murarai Sinha Sinha

लेखक के बारे में

By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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