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फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर नगर परिषद के सभागार में हुई बैठक

Updated at : 24 Jul 2024 8:48 PM (IST)
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फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर नगर परिषद के सभागार में हुई बैठक

फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर नगर परिषद के उपसभापति शिव शंकर राम एवं कार्यपालक पदाधिकारी अमित कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में एक बैठक की गयी.

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लखीसराय. शहर नगर परिषद के सभागार में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर नगर परिषद के उपसभापति शिव शंकर राम एवं कार्यपालक पदाधिकारी अमित कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में एक बैठक की गयी. बैठक में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर उपस्थित नगर परिषद कर्मियों के साथ-साथ वार्ड पार्षद, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि को दिशा-निर्देश दिया गया. बैठक में कहा गया कि सभी वार्ड पार्षद अपने-अपने क्षेत्र में समुदाय के लोगों को एल्बेंडाजोल, आईवर मेक्टिन, दवा सेवन करने के लिए प्रोत्साहित करें. वहीं लोगों को दवा का सेवन करने को लेकर उन्हें जागरूक करने की बात भी कही गयी. बैठक में कहा गया कि इसके लिए शिक्षा विभाग आईसीडीएस के कर्मियों का भी सहयोग लिया जा सकता है. बैठक में पीसीआई फाइलेरिया जिला समन्वयक अरविंद कुमार श्रीवास्तव, प्रखंड समन्वयक अमित कुमार एवं राघवेंद्र कुमार के अलावा नगर परिषद के प्रभारी प्रधान सहायक अवध कुमार, प्रभारी लेखपाल मृत्युंजय कुमार, प्रभारी सफाई पर्यवेक्षक जितेंद्र रावत समेत वार्ड पार्षद एवं वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मौजूद थे.

सर्वजन दवा सेवन अभियान की सफलता के लिए लगाया प्रशिक्षण शिविर

लखीसराय. सदर अस्पताल के सभागार में बुधवार को सीएस डॉ बीपी सिन्हा के अध्यक्षता में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलने वाले सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम की सफलता के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. जिसमें 10 अगस्त से दो सितंबर तक चलने वाले सर्वजन दवा सेवन अभियान की जानकारी स्वास्थ्य कर्मी को बारीकी से उपलब्ध कराया गया. सीएस ने बताया कि सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम से पूर्व सभी प्रखंड में नाइट ब्लू सर्वे कराया जा रहा है. इसमें प्रशिक्षण प्राप्त वरीय स्वास्थ्य कर्मी अपने संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के आशा को प्रशिक्षण देंगे. जिसमें डोज चार्ट टीम का गठन कर माइक्रोप्लान, बूथ प्लान बनाना है. दवा की स्थिति, फैमिली रजिस्टर की संख्या की आवश्यकता एवं रैपिड रिस्पांस टीम का गठन भी किया जायेगा. सीएस ने बताया कि दो साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिला, अति गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को दवा नहीं खिलाना है. फाइलेरिया को हाथी पांव भी कहा जाता है. फाइलेरिया बीमारी का संक्रमण आमतौर पर बचपन में ही होता है.मगर इसके लक्षण आठ-नौ वर्ष के बाद दिखायी देता है. यदि बीमारी की पहचान समय से नहीं की जाती है तो यह पूरे शरीर को पूरी तरह खराब कर देता है. सावधानी बरतकर फाइलेरिया बीमारी को रोका जा सकता है. इसी उद्देश्य से हर वर्ष अभियान के तहत सर्वजन दवा सेवन एमडीए कार्यक्रम चलाया जाता है. जिसमें फाइलेरिया की रोकथाम के लिए लोगों को दवा उपलब्ध करायी जाती है. यह क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाली बीमारी है. फाइलेरिया पीड़ित व्यक्ति को काटने के बाद वह मच्छर यदि दूसरे व्यक्ति को काटता है तो ऐसे में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में यह बीमारी फैलने की अधिक संभावना रहती है. शिविर में डीएस डॉ राकेश कुमार, रामगढ़ चौक पीएचसी प्रभारी डॉ कंचन कुमार, चानन सीएचसी प्रभारी डॉ विनय कुमार, प्रशिक्षक गौतम प्रसाद एवं भगवान प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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