स्कूल कांप्लेक्स प्रणाली की मूल भावना को करें आत्मसात : डीएम
Published by : Rajeev Murarai Sinha Sinha Updated At : 17 Nov 2025 9:47 PM
स्कूल कांप्लेक्स प्रणाली की मूल भावना को करें आत्मसात : डीएम
लखीसराय. जिले में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग व जिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के प्रभावी व गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को गति देने हेतु संकुल संचालकों तथा प्रखंड तकनीकी टीम के सदस्यों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को कौशल्या रेजेंसी होटल में किया गया. कार्यक्रम डीइओ यदुवंश राम के निर्देशन व एसएसए संभाग प्रभारी अमित कुमार सिंह के सहयोग से संपन्न हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम मिथिलेश मिश्र, डीइओ यदुवंश राम, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एसएसए) नीलम राज तथा संभाग प्रभारी अमित कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. उपस्थित लोगों से डीएम ने कहा कि स्कूल कांप्लेक्स प्रमुख राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 द्वारा परिकल्पित ‘स्कूल कांप्लेक्स प्रणाली’ की मूल भावना को आत्मसात करें. विद्यालय सुधार, शिक्षक क्षमता-विकास तथा अभिनव शिक्षण-पद्धतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में स्कूल कांप्लेक्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. लखीसराय जिले को शैक्षणिक नवाचार और नेतृत्व के क्षेत्र में राज्य-स्तरीय पहचान दिलाने के लिए सभी संकुल प्रमुखों को सक्रिय, सहयोगी व परिणामोन्मुख भूमिका निभानी होगी. कार्यशाला के प्रथम सत्र में जिले की वर्तमान प्रगति, विद्यालयों की सहभागिता, शिक्षकों की प्रमुख चुनौतियां तथा डीआइइटी द्वारा विद्यालयों को प्रदान किये जाने वाले अकादमिक मार्गदर्शन पर विस्तृत चर्चा की गयी. इसके साथ ही प्रतिभागियों को स्कूल कांप्लेक्स मॉडल, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम, जिला सशक्तिकरण कार्यक्रम तथा एफएलएन आधारित शैक्षणिक पहल की संरचना व अपेक्षित परिणामों की जानकारी दी गयी. तकनीकी सत्र में जिला तकनीकी टीम द्वारा पीबीएल आधारित मास्टर इंप्लीमेंटेशन प्लान के उद्देश्य, क्रियान्वयन प्रक्रिया, पांच-दिवसीय पाठ योजना निर्माण, मूल्यांकन पद्धति, समूह कार्य की रणनीतियां, कक्षा प्रबंधन तथा पीबीएल आधारित अभिभावक-शिक्षक बैठक के आयोजन पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया. मॉडल कक्षा प्रस्तुति ने प्रतिभागियों को अवधारणाओं की व्यावहारिक समझ सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. कार्यशाला के दौरान विशेष रूप से “सहयोग-समीक्षा-संवर्धन” की त्रिकोणीय रणनीति पर बल दिया गया. जिसके तहत संकुल स्तर पर नियमित बैठकें, विद्यालय-स्तरीय समीक्षा यात्राएं तथा शैक्षणिक संवर्धन की पहलें समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जायेगी. सत्र के अंत में ब्लॉक-स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित करने, दीक्षा पोर्टल पर एमआईपी की समयबद्ध पूर्णता, पीबीएल आधारित पीटीएम के आयोजन तथा मासिक अनुश्रवण व्यवस्था को सुदृढ़ करने की कार्ययोजना सभी प्रतिभागियों के साथ साझा की गयी. कार्यशाला में मंत्रा फोर चेंज टीम, जिला एवं प्रखंड तकनीकी टीम तथा संकुल संचालकों ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की. सभी प्रतिभागियों ने जिले के सभी विद्यालयों में पीबीएल आधारित शिक्षण-पद्धति तथा एफएलएन केंद्रित शैक्षणिक कार्यक्रमों के सफल, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन की सामूहिक प्रतिबद्धता दोहरायी. साथ ही यह सहमति भी व्यक्त की कि जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नयी दिशा देने में स्कूल कांप्लेक्स मॉडल एक सशक्त व निर्णायक कड़ी सिद्ध होगा.
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