लखीसराय: अशोक धाम हादसे के बाद अस्पताल की लापरवाही, नदारद रहे डॉक्टर, खुले में रखा शव, परिजनों का हंगामा

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सदर अस्पताल लखीसराय | Prabhat Khabar Network

अशोक धाम हादसे के बाद लखीसराय सदर अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और शव के साथ अमानवीय व्यवहार पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। जानें पूरी खबर।

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लखीसराय के सुप्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोक धाम) में हुए दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही और अमानवीयता सामने आई है. आपातकालीन स्थिति में जब हादसे के शिकार घायलों और पीड़ितों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, तो वहां कोई भी वरीय चिकित्सक मौजूद नहीं था. संवेदनहीनता की हद तो तब पार हो गई जब एक स्वास्थ्य कर्मी द्वारा पीड़ित को मृत घोषित कर उसके शव को सम्मानपूर्वक अंदर रखने के बजाय अस्पताल के बाहर ही रख दिया गया. इस लचर व्यवस्था और बदसलूकी से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया.

आपातकाल में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी, स्वास्थ्य कर्मियों के भरोसे अस्पताल

अशोक धाम जैसे बड़े धार्मिक स्थल पर हुए इतने बड़े हादसे के बावजूद सदर अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर नहीं था. घटना के बाद जब बदहवास परिजन पीड़ितों को लेकर आपातकालीन वार्ड पहुंचे, तो उन्हें वहां कोई भी अनुभवी या वरीय डॉक्टर मौजूद नहीं मिला. हादसे से प्रभावित लोगों को तत्काल आपातकालीन और विशेषज्ञ चिकित्सा की सख्त आवश्यकता थी, लेकिन डॉक्टरों की गैरमौजूदगी में स्वास्थ्य कर्मियों ने ही प्राथमिक जांच की औपचारिकता पूरी की. आपात स्थिति में अस्पताल प्रबंधन की यह लापरवाही घायलों की जान पर भारी पड़ गई.

फोटो- अस्पताल के बाहर रखे शव | Prabhat Khabar Network
अस्पताल के बाहर रखे शव | Prabhat Khabar Network

शव बाहर रखने पर फूटा गुस्सा, परिजनों ने किया जमकर बवाल

जांच के दौरान ही एक स्वास्थ्य कर्मी ने एक पीड़ित को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता अपने चरम पर नजर आई. शव को अस्पताल के अंदर सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान पर रखने के बजाय उसे बाहर खुले में रख दिया गया. अस्पताल की इस लचर व्यवस्था, वरीय डॉक्टरों की अनुपस्थिति और शव के साथ किए गए इस अमानवीय व्यवहार को देखकर मृतक के परिजनों का धैर्य जवाब दे गया. आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में भारी हंगामा करते हुए प्रबंधन पर इलाज में देरी और घोर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया.

सख्त कार्रवाई की मांग, स्वास्थ्य महकमे की खुली पोल

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और उनका स्पष्ट कहना था कि यदि समय पर वरिष्ठ डॉक्टर अस्पताल में मौजूद होते और उचित इलाज मिलता, तो शायद स्थिति कुछ और हो सकती थी. इस हृदयविदारक घटना ने लखीसराय के स्वास्थ्य महकमे की बदहाल व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है. पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग अब इस लचर व्यवस्था के लिए जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों और आपात स्थिति में ड्यूटी से नदारद रहे वरीय डॉक्टरों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.


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राजेश कुमार

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By राजेश कुमार

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