लखीसराय का वो मंदिर, जहां भक्तों की आस्था से बना भव्य धाम

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 17 May 2026 7:10 AM

विज्ञापन

बासंती दुर्गा मंदिर

Aaj ka Darsan: 2008 में लिया गया संकल्प, आज हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का बन चुका है केंद्र

विज्ञापन

Aaj ka Darsan: पीरीबाजार(लखीसराय) से रवि राज आनंद की रिपोर्ट. लखीसराय जिले के पीरीबाजार थाना क्षेत्र स्थित अभयपुर का मसूदन बासंती दुर्गा मंदिर आज इलाके में आस्था और भक्ति का बड़ा केंद्र बन चुका है. चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूब जाता है. सुबह की आरती से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंजता रहता है.

स्थानीय लोगों के अनुसार इस मंदिर की पहचान सिर्फ पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांव की एकजुटता, आस्था और सामूहिक प्रयास का प्रतीक भी बन चुका है. हर साल यहां हजारों श्रद्धालु माता का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं.

छोटे प्रयास से शुरू हुआ सफर, आज बना भव्य मंदिर

ग्रामीणों ने बताया कि साल 2008 में इस मंदिर के निर्माण का संकल्प लिया गया था. शुरुआत बेहद छोटे स्तर पर हुई थी, लेकिन गांव के लोगों और श्रद्धालुओं के सहयोग से धीरे-धीरे मंदिर का स्वरूप बदलता गया. आर्थिक सहयोग, श्रमदान और सामूहिक प्रयास के बल पर आज यह मंदिर बेहद आकर्षक और भव्य रूप में खड़ा है.

मंदिर की वास्तुकला और सजावट श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है. खासकर नवरात्रि के समय मंदिर परिसर की रौनक देखने लायक होती है. दूर-दूर से लोग यहां पूजा और दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

अब मंदिर के शिखर पर लगेगा चांदी का कलश

मंदिर समिति के सक्रिय सदस्य रोहित कश्यप ने बताया कि मंदिर को और अधिक भव्य और अलौकिक स्वरूप देने की योजना पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि गांव के लोगों के सहयोग से जल्द ही मंदिर के मुख्य शिखर पर चांदी का कलश स्थापित किया जाएगा. यह कलश आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा.

उन्होंने बताया कि हर वर्ष पूजा आयोजन को बेहतर बनाने के लिए गांव के युवा और ग्रामीण मिलकर काम करते हैं. नौ दिनों तक मंदिर परिसर की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का जिम्मा स्थानीय लोग संभालते हैं.

श्रद्धा, समर्पण और एकजुटता की मिसाल बना मंदिर

मसूदन बासंती दुर्गा मंदिर आज सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक विश्वास की मिसाल बन गया है. ग्रामीणों का कहना है कि इसी एकजुटता ने इस मंदिर को पूरे इलाके में खास पहचान दिलाई है.

Also Read: सगे भाइयों ने उजाड़ दिया पूरा परिवार, बच्चे की शर्ट बनी कैमूर हत्याकांड का सुराग, 48 घंटे में मिली थीं चार सिरकटी लाशें

विज्ञापन
Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन