ePaper

सूखे नशे की जद में आ रही युवा पीढ़ी, बबार्द हो रहे कई घर

Updated at : 15 Nov 2025 7:37 PM (IST)
विज्ञापन
सूखे नशे की जद में आ रही युवा पीढ़ी, बबार्द हो रहे कई घर

15 वर्ष से लेकर 25 वर्ष तक के युवा चपेट में, भविष्य हो रहा अंधकार

विज्ञापन

15 वर्ष से लेकर 25 वर्ष तक के युवा चपेट में, भविष्य हो रहा अंधकार

किशनगंजशहर के हर चौक-चौराहे पर उपलब्ध हो रहा कोरेक्स व सूखा नशा, कारोबारियों की खड़ी हो गयी है बड़ी जमात. जिले में पूर्ण शराबबंदी के बाद से प्रतिबंधित कफ सिरप, स्मैक सहित विभिन्न प्रकार के सूखा नशा का अवैध कारोबार इन दिनों युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है. कोरेक्स व स्मैक के शौकीन युवा इन दिनों सुबह-शाम चाय-पान की गुमटियों में जमें रहते हैं. प्रशासनिक अधिकारियों की शिथिलता के कारण इससे जुड़ें तस्कर बेखौफ होकर बस स्टैंड ओवर ब्रिज के नीचे, रूईधासा मैदान के सामने ओवर ब्रिज के नीचे, खगड़ा मुर्गी हाट ओवर ब्रिज के नीचे, खगड़ा मेला ग्राउंड परिसर, हवाई अड्डा परिसर के अंदर, देवघाट खगड़ा नदी किनारे सहित शहर के अधिकांश चौक-चौराहों पर युवाओं को नशा का सामान आसानी से उपलब्ध हो रहा है. जहां नजर डालें वहीं खाली बोतल, स्मैक नशे का इंजेक्शन का ढेर मिल रहा है. पूर्ण रोक है जरूरी कफ सीरप व सूखा स्मैक पर अब रोक अत्यंत आवश्यक हो गया है. यह 15 वर्ष से लेकर 25 वर्ष तक के युवाओं को बहुत तेजी से अपनी चपेट में लेकर उसके भविष्य एवं स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है. नशे के सौदागरों के द्वारा सुलभ तरीके से उपलब्ध कराए जाने के कारण क्षेत्र के युवाओं का भविष्य दिन प्रतिदिन बर्बाद होता जा रहा है. नशे के कारण परिवार में कलह व अन्य समस्याएं बढ़ रही है. बुद्धिजीवियों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आखिर सुरक्षा एजेंसियां सूखा नशे के कारोबारियों पर नकेल कसने में क्यों सफल नहीं हो पा रही हैं.

क्या कहते है एसडीपीओ वन

एसडीपीओ वन गौतम कुमार ने बताया कि पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है, जल्द ही नशे के कारोबारियों पर नकेल कस दी जायेगी. पूर्व में की गयी कार्रवाई में कई कारोबारियों को गिरफ्तर किया गया है.

नशे के कारोबार के मुख्य केंद्र

– बस स्टैंड ओवर ब्रिज के नीचे- रूईधासा मैदान के सामने ओवर ब्रिज के नीचे- खगड़ा मुर्गी हाट ओवर ब्रिज के नीचे- खगड़ा मेला ग्राउंड परिसर- हवाई अड्डा परिसर के अंदर- देवघाट खगड़ा नदी किनारे के पास

नशे के कुप्रभाव

– युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है.

– परिवारों में आंतरिक कलह बढ़ रहा है.- स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है.- समाज में अपराध बढ़ रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AWADHESH KUMAR

लेखक के बारे में

By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन