सेवा और एकता का संदेश: पुलिस स्मृति दिवस पर रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर जवानों ने किया रक्तदान

जीवनदान का कार्य होता है बल्कि संवेदनशील नागरिकता का परिचायक भी बन जाता है
किशनगंज
रक्तदान केवल किसी जरूरतमंद को खून देना नहीं है, बल्कि यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा और सामाजिक एकता का प्रतीक है. रक्त की एक यूनिट किसी की जिंदगी बचा सकती है, किसी परिवार में फिर से मुस्कान ला सकती है. हर वर्ष देशभर में हजारों मरीज दुर्घटना, प्रसव या गंभीर बीमारी के दौरान रक्त की प्रतीक्षा करते हैं. ऐसे में जब समाज का कोई वर्ग स्वेच्छा से आगे बढ़कर रक्तदान करता है, तो यह न केवल जीवनदान का कार्य होता है बल्कि संवेदनशील नागरिकता का परिचायक भी बन जाता है.इसी भाव को साकार करते हुए आज पुलिस स्मृति दिवस और राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में पुलिस लाइन केंद्र, किशनगंज में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. इस अवसर पर प्रशिक्षु सिपाहियों एवं पुलिस लाइन केंद्र के पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कुल 25 यूनिट रक्त दान किया. यह आयोजन सुरक्षा बलों की सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल बन गया. कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस लाइन केंद्र के मेजर अमित कुमार ने स्वयं रक्तदान कर किया, जिससे शिविर में उत्साह का माहौल बन गया.सेवा और जिम्मेदारी का प्रतीक बना रक्तदान
रक्तदान शिविर में ब्लड बैंक, सदर अस्पताल किशनगंज की टीम सक्रिय रूप से मौजूद रही. मौके पर डॉ मंजर आलम ने कहा कि रक्तदान न केवल जरूरतमंदों को जीवन देता है, बल्कि यह समाज में एकता, सहयोग और संवेदना की भावना को भी बढ़ाता है. पुलिस कर्मियों ने जिस तरह से आगे बढ़कर रक्तदान किया है, यह सामाजिक चेतना का प्रेरक उदाहरण है.उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को प्रेरित करने का सशक्त माध्यम हैं.रक्तदान सबसे बड़ा मानव धर्म – डॉ चौधरी
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि पुलिस विभाग की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है. रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे बड़ा प्रतीक है और इसे हर व्यक्ति को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए.उन्होंने बताया कि रक्तदान से शरीर को कोई हानि नहीं होती, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है. इससे शरीर में नई कोशिकाओं का निर्माण तेज होता है और व्यक्ति मानसिक रूप से भी संतुष्टि महसूस करता है. उन्होंने जिले के अन्य विभागों से भी इसी तरह के जनसेवी कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की.एकता और सेवा का अद्भुत संगम – डीएम
जिलाधिकारी विशाल राज ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस और पुलिस स्मृति दिवस जैसे अवसर हमें यह सिखाते हैं कि सेवा, एकता और करुणा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं. पुलिसकर्मियों द्वारा आयोजित यह रक्तदान शिविर इसी भावना का प्रतीक है.उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सहयोग और मानवीय संवेदना का प्रसार होता है. जब हम किसी अनजान व्यक्ति की मदद करते हैं, तो यह सच्चे अर्थों में देशभक्ति होती है.मानवता की मिसाल बना रक्तदान शिविर
डॉ मंजर आलम ने बताया कि शिविर में सभी प्रशिक्षु सिपाहियों और पुलिस अधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि वे आगे भी नियमित रूप से रक्तदान करेंगे. ब्लड सेंटर की टीम ने सभी दाताओं को धन्यवाद ज्ञापन दिया और सर्टिफिकेट ऑफ अप्रिशिएशन भी प्रदान किया.कार्यक्रम के समापन पर वातावरण में उत्साह और गर्व की भावना झलक रही थी.यह रक्तदान शिविर न केवल पुलिस विभाग के अनुशासन और सेवा भाव का उदाहरण बना, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि देशभक्ति केवल वर्दी पहनने से नहीं, बल्कि किसी की जान बचाने से भी साबित होती है.उन्होंने कहा कि रक्त की हर बूंद किसी जीवन की नई सुबह है- आइए, रक्तदान करें और मानवता को जीवित रखें.
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