'समस्या बड़ी नहीं, समाधान बड़ा होता है', आध्यात्मिक प्रवचन में बोलीं साध्वी ऋतंभरा; दिया एकता व राष्ट्रभक्ति का संदेश

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लोगों का आभार प्रकट करती साध्वी ठाकुरगंज विधायक स्वागत करते हुए | Prabhat Khabar Network

ठाकुरगंज में साध्वी ऋतंभरा ने दिव्य दर्शन एवं आध्यात्मिक प्रवचन कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति, सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश दिया. उन्होंने निर्भयता को सनातनी होने का पहला लक्षण बताते हुए समाज को 'केकड़ा प्रवृत्ति' छोड़कर एकजुट होने का आह्वान किया.

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सीमावर्ती शहर ठाकुरगंज के ऐतिहासिक गांधी मैदान में परम शक्ति पीठ सेवा प्रकल्प एवं वात्सल्य सेवा केंद्र के तत्वावधान में दिव्य दर्शन एवं आध्यात्मिक प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रख्यात साध्वी ऋतंभरा जी ने राष्ट्रभक्ति, सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और सद्भावना का अलख जगाया. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के लोग देश के सच्चे प्रहरी हैं, जिनकी मुस्तैदी से पूरा राष्ट्र चैन की नींद सोता है.

'सनातनी होने का पहला लक्षण निर्भयता'

समारोह में उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ सनातन संस्कारों के बीज बोना अनिवार्य है.

उन्होंने सनातन धर्म के मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि सनातनी होने का पहला लक्षण निर्भयता और दूसरा निर्लोभता है. जीवन में कठिनाइयों के संदर्भ में उन्होंने प्रसिद्ध पंक्ति दोहराई:

"जो पत्थर टूट गया वह कंकर बन गया, और जो पत्थर चोट सह गया वह शंकर बन गया."

सामाजिक एकजुटता और आपसी खींचतान पर कड़ा प्रहार

साध्वी ऋतंभरा ने समाज में बिखराव और आपसी टांग खिंचाई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा:

  • मुट्ठी की तरह बंधे समाज: उन्होंने पहलवान और उसके पुत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब समाज जातियों और राजनीतिक आकर्षणों में बंट जाता है तो कमजोर होता है. यदि समाज मुट्ठी की तरह एकजुट हो जाए तो अपार शक्ति प्रकट होगी.
  • केकड़ा प्रवृत्ति छोड़े समाज: उन्होंने 'केकड़ा प्रवृत्ति' का जिक्र करते हुए कहा कि एक-दूसरे की टांग खींचने के बजाय साथ देने की प्रवृत्ति विकसित करनी होगी. केवल सलाह देने वाला नहीं, बल्कि साथ देने वाला समाज ही प्रगति करता है.

सद्भावना चुनोगे तो पीछे-पीछे आएगी समृद्धि

सीमा पार और देश के भीतर मौजूद चुनौतियों से निपटने के लिए उन्होंने विवेक, धैर्य और सद्भावना का मार्ग अपनाने पर जोर दिया.

साध्वी जी ने कहा कि ठाकुरगंज में समृद्धि और सफलता निश्चित आएगी, लेकिन सद्भावना सबसे महत्वपूर्ण है. यदि समाज सद्भावना को चुनता है, तो सफलता और समृद्धि स्वतः ही चरण चूमेगी. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 'चिकन नेक के संरक्षक' नामक पुस्तक के पठन-पाठन पर भी जोर दिया.

प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

इस भव्य धार्मिक व सामाजिक आयोजन में जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी मौजूदगी रही:

  • जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य: विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल, ताराचंद धानुका, मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल, पूर्व मुख्य पार्षद देवकी अग्रवाल, प्रमोद कुमार चौधरी, जिला परिषद सदस्य निरंजन राय, मुन्ना सिंह, वीरेंद्र प्रसाद सिंह, अमित कुमार सिन्हा आदि.
  • प्रशासनिक अधिकारी: एसडीएम अनिकेत कुमार, एसडीपीओ मनोज कुमार सिंह, बीडीओ आशीष कुमार, सीओ मृत्युंजय कुमार, अंचल निरीक्षक पंकज कुमार पंत तथा थानाध्यक्ष अंजय अमन.

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत भजनों और 'भारत का शीश नहीं झुकने देंगे' के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ.


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बच्छराज

लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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