राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल, कामकाज प्रभावित, पंचायत सचिव को मिली जिम्मेवारी

Updated at : 10 Mar 2025 9:19 PM (IST)
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राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल, कामकाज प्रभावित, पंचायत सचिव को मिली जिम्मेवारी

चार मार्च से जारी राजस्व कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण ठाकुरगंज प्रखंड में सरकारी कामकाज ठप हो गया है.

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ठाकुरगंज. बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (गोप गुट) के आह्वान पर चार मार्च से जारी राजस्व कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण ठाकुरगंज प्रखंड में सरकारी कामकाज ठप हो गया है. आमजन को म्यूटेशन, भू-मापी, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण-पत्र और जमाबंदी सुधार जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वही आम लोगो को हो रही दिक्कत के बाद अंचलाधिकारी सुचिता कुमारी ने जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के कार्य बाधित न हो, इसके लिए पंचायत सचिवों को आवेदन सत्यापन का आदेश दिया. हालांकि, कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके पंचायत में सचिव नहीं मिल रहे , जिससे उन्हें दिनभर भटकना पड़ा. बताते चले सोमवार को अन्य दिन की तरह प्रखंड कार्यालय खुला. जहां बीडीओ, अंचलाधिकारी और अन्य कर्मी अपने कार्यों का निष्पादन करते दिखे. लेकिन राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं ठप रही. कार्यालय पहुंचे कई लोगों को बिना काम ही लौटना पड़ा. हड़ताल के कारण दूर-दराज से आये ग्रामीणों को मायूस होकर लौटना पड़ा. ग्रामीणों ने शिकायत की कि प्रमाण पत्रों को जरूरत है. लेकिन हड़ताल के कारण कोई काम नहीं हो रहा है. अंचल का चक्कर लगा रहे एक युवक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया की एनसीएल प्रमाण पत्र का आज अंतिम तिथि है लेकिन राजस्व कर्मचारी के नहीं आने के कारण सत्यापन नहीं हो सका जिससे मेरा काम नहीं हुआ. वहीं ग्रामीण रंजन राजभर, मो इकलाख आदि ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र बनवाने आया हूं, लेकिन राजस्व कर्मचारी के नहीं मिलने से वापस लौटना पड़ा. इससे ना केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है. हड़ताल में शामिल राजस्व कर्मचारीयो ने बताया कि वे पहले भी अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर विभागीय मंत्री से कई बार गुहार लगा चुके हैं. जिसमें गृह जिला में पदस्थापन, ग्रेडपे 2800 रुपए करने, समय पर सेवा संपुष्टि और भ्रमण भत्ता देने जैसी मांगे शामिल है. लेकिन अब तक सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है. कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार टालमटोल की नीति अपना रही है, जिससे वे हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हुए हैं.

पंचायत सचिव को दिया गया है जिम्मा

अंचलाधिकारी सुचिता कुमारी ने कहा कि पंचायत सचिवों को प्रमाण पत्र सत्यापन की जिम्मेदारी दी गयी है. सभी को समय पर अपने दायित्व निभाने का निर्देश दिया गया है.

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