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मोंथा तूफान से धान की फसल को व्यापक नुकसान, बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त, बढ़ी ठंड

Updated at : 01 Nov 2025 7:55 PM (IST)
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मोंथा तूफान से धान की फसल को व्यापक नुकसान, बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त, बढ़ी ठंड

जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. इस बारिश से किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं.

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किशनगंज.

जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. इस बारिश से किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं. लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे धान की फसल प्रभावित हुई है. इसके अलावा,आलू की फसल भी पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं. मोन्था तूफान से हुई इस बारिश ने स्थानीय किसानों की कमर तोड़ दी है. किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय किसान जहांगीर आलम, रिजवान आलम, दिवाकर सिंह और रफीक आलम ने बताया कि बेमौसम बारिश ने उनकी सारी पूंजी पानी में डुबो दी है.

बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान

लगातार बारिश और चक्रवाती हवाओं के कारण धान की फसल चौपट हो रही है. पककर तैयार फसल पानी में भीग जाने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. वहीं, आलू की खेती वाले खेतों में पानी भरने से नुकसान की आशंका बनी हुई है. बारिश के चलते किशनगंज नगर परिषद क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गयी है. इससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी हो रही है. लोगों ने निगम की कमजोर कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि थोड़ी-सी बारिश में ही सड़कों पर तालाब जैसी स्थिति बन जाती है.

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बेमौसम बारिश से धान व आलू की फसल को पहुंच रहा नुकसान

प्रतिनिधि, बहादुरगंज

प्रखंड में बुधवार की रात से हल्की वर्षा हो रही है. लगातार वर्षा होने के कारण लोगों को ठंड के मौसम में वर्षा जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. शनिवार की सुबह से लेकर रात तक लगातार हल्की वर्षा होती रही. इसके चलते लोग सड़कों पर कम निकले. कर्मचारी और बच्चे जैसे तैसे स्कूल पहुंचे.

वर्षाकाल समाप्त होने के बाद जिन लोगों ने छाते और रेन कोट आदि पैक कर रख दिए थे, उन्हें फिर यह निकालने पड़े. तमाम कर्मचारी रेन कोट पहनकर अपने कार्यालयों में पहुंचे. वर्षा के चलते जहां खेतों में पानी लग रहा है वहीं काटकर रखी गई फसल बर्बाद हो रही है.किसान बिना मौसम की इस वर्षा से परेशान हैं. उनका कहना है कि अगर इसी तरह वर्षा होती रही तो खेतों में गिरी धान की फसल खराब हो जाएगी. धान की कटाई भी प्रभावित होगी. वर्षा से बस्ती शहर के मोहल्लों में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सड़कों पर कीचड़ होने से परेशानी बढ गई है. सबसे अधिक परेशानी उन बच्चों को हो रही है जो पैदल या साइकिल से स्कूल जा रहे हैं.

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मोंथा चक्रवात से टूटी किसान की कमर

प्रतिनिधि, कोचाधामन

मोंथा चक्रवात का व्यापक असर प्रखंड क्षेत्र में देखा जा रहा है. लगातार तीन दिनों से हो रही वर्षा तथा हवा से धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है.खेतों में लगे धान के पौधों के गिर जाने से किसानों परेशान हैं.कल तक किसान खेतों में लहलहाती धान की फसल को देख कर काफी खुश थे कि इस बार धान की फसल अच्छी होगी. लेकिन ईश्वर को तो कुछ ओर मंजूर था.खेतों में धान के पौधों को गिरते देख किसानों के चेहरे पर मायूसी छायी है.इतना ही खेतों में लगे आलू की खेती भी बर्बाद हो गयी. साथ ही इसका बुरा प्रभाव रबी की फसल पर भी पड़ने लगा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AWADHESH KUMAR

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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