बेमौसम बारिश का कहर, खेतों में सड़ रही मक्के की फसल से किसानों की टूटी कमर
मक्के की फ़सल
पौआखाली और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बेमौसम बारिश ने मक्का उत्पादक किसानों को बर्बादी की कगार पर ला खड़ा किया है. खेतों में तैयार खड़ी और काटकर रखी गई मक्के की फसल पानी में डूबने से सड़ने लगी है, जिससे किसानों के सामने गहरा आर्थिक संकट पैदा हो गया है.
पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट:
खेतों में जमा हुआ पानी, दानों में फफूंद लगने का बढ़ा खतरा
जिले में हर एक-दो दिनों के अंतराल पर हो रही लगातार बारिश ने मक्का उत्पादकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. बेमौसम की इस मार से सबसे ज्यादा मध्यम और छोटे वर्ग के किसान प्रभावित हुए हैं. स्थानीय मक्का कृषक इब्राहिम आलम, आजाद और मुस्लिम आदि ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि खेतों में जलजमाव होने से खड़ी फसल सड़ रही है. जिन किसानों ने समय रहते फसल काट भी ली थी, उनकी समस्या भी कम नहीं है. आसमान में लगातार बादल छाए रहने के कारण कटी हुई फसल और दानों को सुखाने के लिए धूप नहीं मिल पा रही है, जिससे मक्के में नमी के कारण फफूंद (फंगस) लगने का खतरा बढ़ गया है.
लागत निकालना भी हुआ मुश्किल, काला पड़ रहा है मक्का
मौसम के इस बदले मिजाज से मझौले किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का अनुमान है. किसानों का कहना है कि इस सीजन में मक्के की खेती के लिए महंगे बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी पर भारी-भरकम खर्च किया गया था. किसानों को उम्मीद थी कि बेहतर पैदावार से वे अपना कर्ज उतारकर मुनाफा कमा सकेंगे, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि लागत की रकम भी वसूल होना नामुमकिन नजर आ रहा है. पानी में डूबे रहने के कारण मक्के के दाने काले पड़ रहे हैं. किसानों के मुताबिक, अगर एक-दो दिन के भीतर तेज धूप नहीं निकली, तो बची-कुची फसल भी कौड़ियों के भाव बिकेगी.
कर्ज के बोझ तले दबे किसान, सरकार से मुआवजे की गुहार
इस बेमौसम बारिश ने बैंक और महाजनों से ऋण (कर्ज) लेकर खेती कर रहे इलाके के सीमांत और छोटे किसानों के माथे पर चिंता की बड़ी लकीरें खींच दी हैं. फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने परिवार के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है. बेबस और लाचार किसानों ने अब जिला प्रशासन और राज्य सरकार से प्रभावित कृषि क्षेत्रों का अविलंब हवाई या स्थलीय सर्वे कराने की मांग की है. किसानों ने सरकार से उचित फसल क्षति मुआवजा देने की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें इस अप्रत्याशित आर्थिक तबाही से थोड़ी राहत मिल सके.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By दिव्यांशु प्रशांत
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










