उर्दू शिक्षकों के स्थानांतरण और TRE-4 में अरबी-फारसी बहाली को लेकर AIMIM ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र

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प्रेस वार्ता करते प्रदेश अध्यक्ष व विधायक | Prabhat Khabar Network

AIMIM ने बिहार के शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर उर्दू शिक्षकों के स्थानांतरण में हो रही विसंगतियों को दूर करने की मांग की है. साथ ही, TRE-4 शिक्षक बहाली प्रक्रिया में अरबी और फारसी शिक्षकों के पदों को शामिल करने का आग्रह किया है.

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सीमांचल के किशनगंज जिले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने प्रदेश के उर्दू, अरबी और फारसी शिक्षकों की समस्याओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है. एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक अख्तरुल ईमान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के शिक्षा मंत्री को एक औपचारिक पत्र भेजकर उर्दू शिक्षकों के स्थानांतरण (Transfer) में हो रही विसंगतियों को दूर करने तथा TRE-4 में अरबी-फारसी शिक्षकों की बहाली सुनिश्चित करने की मांग की है.

'उर्दू शिक्षकों के साथ हो रहा नियम विरुद्ध व्यवहार'

किशनगंज शहर के सिंघिया स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक अख्तरुल ईमान ने शिक्षा विभाग की ट्रांसफर नीति पर सवाल उठाए:

  • सरप्लस लिस्ट पर आपत्ति: उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पदस्थापन की गड़बड़ियों को सुधारने के लिए 30 स्कूलों का विकल्प देने का विभागीय कदम सराहनीय है, लेकिन उर्दू शिक्षकों के मामले में नई विसंगतियां पैदा कर दी गई हैं.
  • नियमों की अनदेखी: शिक्षा मंत्री ने पूर्व में घोषणा की थी कि जिस स्कूल में 10 उर्दू भाषी बच्चे होंगे, वहां उर्दू शिक्षक तैनात रहेगा. लेकिन वर्तमान स्थानांतरण आदेश में ऐसे विद्यालयों को भी लपेटे में ले लिया गया है जहां 200 से 250 उर्दू भाषी छात्र पढ़ रहे हैं. वहां के शिक्षकों को 'अतिरिक्त शिक्षक' (Surplus Teacher) घोषित कर ट्रांसफर किया जा रहा है, जो सरासर अनुचित है.

TRE-4 में अरबी और फारसी शिक्षकों के पद शामिल करने की मांग

अख्तरुल ईमान और कोचाधामन विधायक सरवर आलम ने TRE-4 शिक्षक बहाली प्रक्रिया को लेकर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया:

विधायकों की मांग: "TRE-4 की अधिसूचना जारी होना अच्छी पहल है, लेकिन TRE-3 की तर्ज पर इसमें भी अरबी, फारसी और अन्य अल्पसंख्यक भाषाओं के शिक्षकों के पद शामिल किए जाएं. इन पदों को शामिल न किए जाने से प्रदेश के हजारों योग्य अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है."

दिव्यांग शिक्षकों को गृह प्रखंड के पास पदस्थापित करने की अपील

पार्टी नेताओं ने शिक्षा विभाग से मांग की कि:

  1. दिव्यांग (विकलांग) शिक्षकों का पदस्थापन उनकी सहूलियत के अनुसार उनके गृह प्रखंड के नजदीकी पंचायत के विद्यालयों में किया जाए.
  2. उर्दू शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े हालिया आदेश की तत्काल प्रभाव से समीक्षा (Review) की जाए.

प्रेस वार्ता में ये प्रमुख नेता रहे मौजूद

इस दौरान AIMIM के जिलाध्यक्ष गुलाम हसनैन, शम्स आगाज, इस्तियाक अहमद सहित कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे.


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गौरव कुमार

लेखक के बारे में

By गौरव कुमार

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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