रेतुआ नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तबाही की आहट, चिल्हनियां के महादलित टोला पर मंडराया कटाव का खतरा

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नदी का जलस्तर | Prabhat Khabar Network

सीमांचल के किशनगंज में रेतुआ नदी के उफान ने फिर तबाही मचाई है. चिल्हनियां पंचायत के महादलित टोला में तेजी से हो रहे भूमि कटाव ने दर्जनों परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा दिया है. ग्रामीण हर साल इस समस्या से जूझ रहे हैं और तत्काल समाधान की गुहार लगा रहे हैं.

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सीमांचल के किशनगंज जिले अंतर्गत टेढ़ागाछ प्रखंड होकर गुजरने वाली रेतुआ नदी के रौद्र रूप ने एक बार फिर तटीय इलाकों के लोगों की नींद उड़ा दी है. मंगलवार देर शाम नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी और तेज बहाव के कारण चिल्हनियां पंचायत के कोठी टोला देवरी गांव स्थित वार्ड संख्या-11 (महादलित टोला) में तेजी से भूमि कटाव शुरू हो गया है. कटाव की विभीषिका को देखते हुए तटीय क्षेत्र में बसे दर्जनों परिवारों पर बेघर होने का संकट गहराने लगा है.

घरों और जमीनों के अस्तित्व पर मंडराया खतरा

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदी के उफान ने स्थानीय लोगों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है:

  • तेजी से हो रहा कटाव: रेतुआ नदी की तेज धारा महादलित टोला के मुहाने तक पहुंच चुकी है और नदी किनारे की उपजाऊ जमीन व मिट्टी तेजी से कटकर पानी में समा रही है.
  • विस्थापन का डर: ग्रामीणों को डर है कि यदि जल संसाधन विभाग द्वारा तुरंत कटावरोधी (Erosion Control) कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे का पूरा टोला नदी के आगोश में समा सकता है.

'हर साल झेलते हैं दंश, नहीं मिला स्थायी समाधान'

स्थानीय प्रभावित ग्रामीणों—चमक लाल मांझी, राधा देवी, आशा देवी और बिरेन्ची पासवान सहित अन्य निवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा:

पीड़ितों का दर्द: "हर साल बरसात के मौसम में रेतुआ नदी का कटाव हमारे गांव के लिए काल बन जाता है. प्रशासन सिर्फ तात्कालिक आश्वासन देता है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया. यदि तुरंत बोरी या स्पार (Spar) डालकर कटाव नहीं रोका गया, तो हम सभी बेघर हो जाएंगे."

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन अररिया/किशनगंज और जल संसाधन विभाग (Water Resources Department) के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल प्रशासनिक दल भेजकर स्थल निरीक्षण कराने और सुरक्षा कार्य शुरू करने की पुरजोर मांग की है.

प्रशासन अलर्ट, नदी किनारे न जाने की अपील

इधर, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अंचल व जिला प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है:

  • अलर्ट जारी: स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने निचले इलाकों और नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है.
  • सुरक्षा सलाह: हादसे से बचाव के लिए ग्रामीणों को नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही न करने और बच्चों को धारा से दूर रखने की सख्त सलाह दी गई है.


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गौरव कुमार

लेखक के बारे में

By गौरव कुमार

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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