ई-फार्मेसी के विरोध में किशनगंज में मेडिकल बंद, दवा कारोबारियों का प्रदर्शन

काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन करते दवा कारोबारी
Kishanganj news: जिले के शहर से लेकर प्रखंड मुख्यालयों तक मेडिकल दुकानों पर ताले लटके रहे. हड़ताल के कारण दवा खरीदने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि इमरजेंसी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए सदर अस्पताल और कुछ निजी अस्पतालों के आसपास सीमित संख्या में मेडिकल स्टोर खुले रखे गए थे.
Kishanganj news: किशनगंज से रामबाबू की रिपोर्ट: ऑनलाइन दवा बिक्री, नकली दवाओं के कारोबार और भारी डिस्काउंट के विरोध में बुधवार को किशनगंज जिले की अधिकांश मेडिकल दुकानें बंद रहीं. बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर दवा कारोबारियों ने एकदिवसीय हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन किया.
जिले के शहर से लेकर प्रखंड मुख्यालयों तक मेडिकल दुकानों पर ताले लटके रहे. हड़ताल के कारण दवा खरीदने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि इमरजेंसी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए सदर अस्पताल और कुछ निजी अस्पतालों के आसपास सीमित संख्या में मेडिकल स्टोर खुले रखे गए थे.
ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ जताया विरोध
दवा कारोबारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे और मध्यम स्तर के मेडिकल दुकानदारों का कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है. उनका आरोप है कि कई ई-फार्मेसी कंपनियां बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन और उचित चिकित्सकीय जांच के दवाएं उपलब्ध करा रही हैं, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है.
कारोबारियों ने कहा कि दवा कोई सामान्य उत्पाद नहीं, बल्कि जीवन रक्षक वस्तु है. इसलिए इसकी बिक्री पर कड़ी निगरानी जरूरी है.
नकली दवाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग
जिला केमिस्ट संघ के सचिव जंगी प्रसाद दास ने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों से नकली और घटिया गुणवत्ता की दवाओं का प्रसार तेजी से बढ़ रहा है. इससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है और ईमानदारी से कारोबार करने वाले दुकानदारों को भी नुकसान हो रहा है.
उन्होंने सरकार से नकली दवा कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने और दवा बिक्री के लिए समान नीति लागू करने की मांग की.
काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन
हड़ताल के दौरान गांधी चौक, डे मार्केट और अस्पताल रोड समेत कई इलाकों में मेडिकल दुकानें बंद रहीं. दवा कारोबारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन भी किया.
दवा विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल कारोबार बचाने के लिए नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और पारदर्शी दवा व्यवस्था के लिए भी है.
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By Shruti Kumari
श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।
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