सरस्वती पूजा को लेकर मंत्री शैलेश कुमार के बयान पर विवाद, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

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फोटो- किशनगंज में झंडोत्तोलन के बाद मंत्री ने दिया विवादित बयान. | Prabhat Khabar Network

बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार के सरस्वती पूजा को लेकर दिए कथित बयान ने किशनगंज में सियासी बवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर पक्ष-विपक्ष में बहस तेज है।

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Kishanganj Minister Controversy: किशनगंज. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को झंडोत्तोलन करने पहुंचे बिहार के ऊर्जा मंत्री सह किशनगंज के प्रभारी मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल के कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके कथित बयान की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है. इसमें सरस्वती पूजा के दौरान युवाओं द्वारा चंदा जुटाने, शराब पीने और डीजे पर नाचने का जिक्र बताया जा रहा है. हालांकि, वायरल क्लिप के संदर्भ और पूरे भाषण की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है.

कथित बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ समर्थकों का कहना है कि मंत्री का उद्देश्य पूजा के नाम पर जबरन चंदा वसूली और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ संदेश देना था. वहीं आलोचकों का कहना है कि धार्मिक आयोजन से जुड़े पूरे युवा वर्ग को एक ही नजर से देखना उचित नहीं है.

सरस्वती पूजा में होते हैं धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन

सरस्वती पूजा बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाई जाती है. स्कूल-कॉलेजों, मोहल्लों और संस्थानों में पूजा समितियां गठित कर प्रतिमा स्थापना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रसाद वितरण जैसे आयोजन किए जाते हैं. वहीं प्रशासन की ओर से समय-समय पर पूजा के दौरान शांति व्यवस्था, चंदा वसूली और डीजे के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं.

चंदा और नशे के खिलाफ कार्रवाई पर भी चर्चा

मंत्री के कथित बयान के बाद यह सवाल भी चर्चा में है कि यदि किसी धार्मिक आयोजन के नाम पर जबरन चंदा वसूली, शराब सेवन या नियमों के उल्लंघन की शिकायत सामने आती है, तो प्रशासन को संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. इसी के साथ यह बहस भी उठ रही है कि ऐसी गतिविधियों की आलोचना करते समय पूरे युवा वर्ग या किसी धार्मिक आयोजन से जुड़े लोगों को सामान्य रूप से जिम्मेदार ठहराना कितना उचित है.

किशनगंज में राजनीतिक बहस तेज

किशनगंज सामाजिक और धार्मिक विविधता वाला जिला है, इसलिए सार्वजनिक मंच से धार्मिक आयोजनों से जुड़ी टिप्पणी को लेकर चर्चा तेज होना स्वाभाविक है. स्थानीय स्तर पर लोगों का एक वर्ग मानता है कि जनप्रतिनिधियों से सामाजिक सद्भाव और संयमित भाषा की अपेक्षा रहती है. वहीं दूसरा पक्ष इसे युवाओं को नशे और अनुशासनहीन गतिविधियों से दूर रहने का संदेश मान रहा है.

मंत्री की ओर से स्पष्टीकरण का इंतजार

Kishanganj Minister Controversy: फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर मंत्री शैलेश कुमार की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण या पूरे बयान का आधिकारिक संदर्भ सामने नहीं आया है. ऐसे में वायरल क्लिप के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालने के बजाय पूरे भाषण और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना महत्वपूर्ण होगा. मामले को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है.


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राहुल कुमार

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By राहुल कुमार

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