कालाजार उन्मूलन की ओर बढ़ता जिला ,स्वास्थ्य विभाग की व्यापक पहल जारी

जिला स्वास्थ्य विभाग की सतत मेहनत और सामुदायिक भागीदारी के परिणामस्वरूप कालाजार के खात्मे की दिशा में किशनगंज जिला तेजी से आगे बढ़ रहा है.
जागरूकता, छिड़काव और निगरानी अभियान ने दी सफलता
आशा कर्मियों की सक्रियता से गांव-गांव तक फैल रही जागरूकतामरीजों के उपचार और सर्वेक्षण पर सरकार द्वारा मिल रही प्रोत्साहन राशिकिशनगंज.जिला स्वास्थ्य विभाग की सतत मेहनत और सामुदायिक भागीदारी के परिणामस्वरूप कालाजार के खात्मे की दिशा में किशनगंज जिला तेजी से आगे बढ़ रहा है. वर्ष 2025 में अब तक पूरे जिले में केवल तीन कालाजार के मरीज ही पाए गए हैं, जिनका उपचार सफलतापूर्वक किया गया है. यह उपलब्धि जिले में चल रहे निरंतर छिड़काव, सर्वेक्षण और जनजागरूकता अभियानों का नतीजा है.छिड़काव और निगरानी अभियान से कम हुआ संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा कालाजार प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से छिड़काव किया जा रहा है. मच्छर जनित इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर द्वितीय चरण के छिड़काव अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है. इसके साथ ही, संभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में निरंतर सर्वेक्षण कर संदिग्ध मामलों की जांच सुनिश्चित की जा रही है.सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में अब कालाजार नियंत्रण पूर्णतः प्रभावी है. नियमित छिड़काव और निगरानी के कारण संक्रमण दर लगभग शून्य की ओर है. हमारा लक्ष्य है कि आगामी वर्ष तक किशनगंज को कालाजार मुक्त घोषित किया जा सके.
आशा कर्मियों की भूमिका- घर-घर पहुंच रही जानकारी
गांवों में आशा कर्मियों ने कालाजार उन्मूलन अभियान को जनआंदोलन का रूप दे दिया है. वे प्रत्येक घर जाकर लोगों को बीमारी के लक्षण, बचाव और जांच की जानकारी दे रही हैं. आशा कार्यकर्ताओं द्वारा बताया जा रहा है कि अगर किसी को लंबे समय तक बुखार, वजन कम होना या पीलापन महसूस हो, तो तुरंत जांच करवाएं.वीबीडीएस डॉ. मंज़र आलम ने कहा कि कालाजार के मरीज की पहचान होते ही तुरंत उसे उपचार और राहत राशि उपलब्ध कराई जाती है. आशा कर्मियों को प्रत्येक मरीज की पहचान पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे उनकी भागीदारी और भी मजबूत हुई है.
सरकारी प्रोत्साहन और उपचार व्यवस्था
सरकार द्वारा कालाजार मरीजों के उपचार एवं पहचान में सक्रिय आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है. कालाजार मरीज के इलाज के लिए मरीज को 7,000 रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है, जबकि पहचान करने वाली आशा को 300 रुपये प्रोत्साहन दिया जाता है. इसके अतिरिक्त, छिड़काव कर्मियों को भी मानदेय और यात्रा व्यय की व्यवस्था की गई है. इन योजनाओं से निचले स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साह बढ़ा है.
ग्रामीण स्तर पर जनजागरूकता की नई पहल
कालाजार उन्मूलन की दिशा में गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें पोस्टर-बैनर, नुक्कड़ नाटक और पंचायत स्तर पर सभाओं का आयोजन किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने विद्यालयों में भी बाल स्वास्थ्य मित्रों के माध्यम से जागरूकता गतिविधियां शुरू की हैं, ताकि बच्चों के माध्यम से घरों तक संदेश पहुंचे.सिविल सर्जन ने बताया कि हमारा फोकस अब सतत जागरूकता पर है. कालाजार पर नियंत्रण के बावजूद सतर्कता जरूरी है ताकि पुनः संक्रमण की कोई संभावना न रहे.
कालाजार मुक्त किशनगंज की दिशा में ठोस कदम
जिला स्वास्थ्य समिति के समन्वय से अब हर प्रखंड में कालाजार निगरानी टीम सक्रिय है. चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों और शिक्षकों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है. निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप किशनगंज जिला अब कालाजार के पूर्ण उन्मूलन की अंतिम सीढ़ी पर है.सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि जागरूकता, सतर्कता और सामुदायिक भागीदारी ही कालाजार से मुक्ति की कुंजी है. स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में लगातार प्रयासरत है, और हमें विश्वास है कि शीघ्र ही किशनगंज को कालाजार मुक्त जिला घोषित किया जा सकेगा.
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