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ओलचिकी लिपि में शिक्षा व आदिवासी समाज के उत्थान पर चर्चा

Updated at : 31 Jan 2026 11:51 PM (IST)
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ओलचिकी लिपि में शिक्षा व आदिवासी समाज के उत्थान पर चर्चा

ओलचिकी लिपि में शिक्षा व आदिवासी समाज के उत्थान पर चर्चा

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पहाड़कट्टा में आसेका बिहार संस्था ने समिति गठन की बैठक आयोजित

पहाड़कट्टा. पोठिया चौक स्थित मांडेर मांझीथान के प्रांगण में शनिवार को आसेका बिहार संस्था के नेतृत्व में एक बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता शिवलाल सोरेन ने की. बैठक में पोठिया प्रखंड में समिति के गठन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. अध्यक्ष पद पर बाबूराम हेम्ब्रम को सर्वसम्मति से चुना गया. वहीं उपाध्यक्ष जोगेंन मुर्मू, सचिव बुद्धदेव हेम्ब्रम, सहसचिव माणिक टुडू, सांस्कृतिक सचिव घानेश्वर हेम्ब्रम, संरक्षक अनील हांसदा और सहसंरक्षक शिवलाल सोरेन को चुना गया. आसेका बिहार प्रांत के महासचिव राजेश कुमार किस्कू ने बताया कि संस्था आदिवासी समाज के उत्थान के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के बच्चे अपनी मातृ भाषा में कक्षा प्रथम से स्नातक स्तर तक पढ़ाई कर उच्च पदों पर नौकरी प्राप्त कर सकते हैं. समिति गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक गांव में जनसंपर्क स्थापित किया जाएगा और ओलचिकी लिपि में सरकारी विद्यालयों में कक्षा प्रथम से स्नातक स्तर तक पढ़ाने के लिए शिक्षक की नियुक्ति पर कार्य किया जाएगा. राजेश कुमार ने बताया कि बिहार सरकार संताली ओलचिकी भाषा को द्वितीय भाषा के रूप में मान्यता देने जा रही है. उन्होंने यह भी बताया कि महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 25 दिसंबर 2025 को भारत के संविधान को संथाली ओलचिकी भाषा में राष्ट्रपति भवन में पेश किया. संस्था यह सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है कि ओलचिकी लिपि हर क्षेत्र में पहुंचे ताकि संथाल समाज के लोग बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें.

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AWADHESH KUMAR

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