जिले में बढ़ रहा है ब्लैक एंड व्हाइट नशे का कारोबार

शहर में इन्हीं स्मैकिए के कारण बढ़ रही है चोरी की घटनाएं
-शहर में इन्हीं स्मैकिए के कारण बढ़ रही है चोरी की घटनाएं.
-गांजा,ब्राउन शुगर की जद में किशोर और युवा.-गांव तक में अफीम बेचने वाले रैकेट सक्रियसुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की कार्यवायी के वावजूद फल-फूल रहा है.सफेद जहर का कारोबार.
-इन नशेड़ियों के वजह से बढ़ रहा है अपराध.प्रतिनिधि, किशनगंजजिले में इन दिनों ब्लैक एंड व्हाइट नशा काफी सिर चढ़कर बोल रहा है. ब्राउन शुगर, गांजा, अफीम सहित अन्य मादक पदार्थो का कारोबार जिले के शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक तेजी से पांव पसार रहा है. नशे के सौदागरों ने नशे के सामान को ब्लैक एंड व्हाइट में बांट दिया है. नशे के सामान के सबसे ज्यादा खरीदार युवा हैं. ब्राउन शुगर और गांजा के सौदागर पहले युवाओं को मुफ्त में मादक पदार्थ खिलाकर नशे का आदी बनाते हैं. बाद में जब उनको नशे की लत लग जाती है तो इसके बदले में भारी रुपए वसूलते हैं.
एक सर्वे के अनुसार देश में 17 साल से कम उम्र के 20 फीसदी बच्चे तंबाकू के उत्पाद का प्रयोग करते हैं. वहीं किशोरावस्था से ही बड़ी संख्या में युवक प्रतिदिन तंबाकू का सेवन कर रहे हैं जो धीरे-धीरे नशे की लत में तब्दील हो जाता है. क्योंकि जिले के विभिन्न इलाकों में सुनसान जगहों का ये नशेड़ी नशा पान के लिए उपयोग करते है. नदी, तालाब का किनारा, पार्क, सुनसान बिल्डिंग के अहाते में युवक नशे का सेवन कर रहें हैं. नशे की लत में जकड़ चुके युवाओं को घर से इतना रुपया नहीं मिल पता था कि स्मैक खरीद सके. जब उनके पास रुपए रहता था तब तक छात्र स्मैक खरीदते हैं. लेकिन जब रुपया नहीं होता था तब ये लोग छोटे-छोटे अपराध में कदम रखना शुरू कर देते हैं.शहर में इन जगहों पर नशेड़ियों का लगता है जमावड़ा
फारिंगगोला पेट्रोल पंप के समीप पानी टंकी रोड,रुइधासा मैदान,सत्संग बिहार के पीछे काली मंदिर के सूनसान इलाकें,लाइन फील्ड,मोती बाग, डे-मार्केट और बस स्टैंड फ्लाई ओवर के नीचे, कजला मनी, लहरा चौक, हलीम चौक, खगड़ा मेला मैदान, दिलावर गंज, शमशान के इलाकें सहित शहर में दर्जनों ऐसे जगह हैं. जहां दिन में तो कभी दोपहर या फिर रात के अंधेरे में स्मैक और ब्राउन शुगर लेने वालों को जमावड़ा लगता है. जानकारों की मानें तो स्मैक का नशा महंगे नशे में शुमार है. स्मैक की लत लगने बाद इसके शिकार व्यक्ति को हर हाल में स्मैक चाहिए होती है. तलब उठने के बाद स्मैक के नशेड़ी चोरी और अपराध करते हैं. कई प्रतिष्ठान व घरों में चोरी व महिलाओं के गले से चैन, मोबाइल आदि छीनने की कई वारदातों में स्मैकचियों का हाथ सामने आया है.युवा विभिन्न माध्यमों से नशे के मकड़जाल में फंस युवक हो रहें हैं बर्बाद जिले के युवा नशे के मकड़जाल में फंसकर बर्बादी के कगार पर पहुंच रहे हैं. इससे उनकी सेहत तो खराब हो ही रही है साथ ही उनका सामाजिक स्तर भी गिरता जा रहा है.
पश्चिम बंगाल से होता है स्मैक और ब्राउन शुगर का सप्लाई
जिले में फैल रहे सफेद जहर की आपूर्ति पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों से होती है. खासकर दालकोला, इस्लामपुर और मालदा तक सफेद जहर बेचने वाले सौदागरों का जाल बिछा हुआ है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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