अप्रैल में जनवरी सा अहसास, कोहरे की चादर में लिपटा ठाकुरगंज

Updated at : 02 Apr 2026 7:06 PM (IST)
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अप्रैल में जनवरी सा अहसास, कोहरे की चादर में लिपटा ठाकुरगंज

अप्रैल में जनवरी सा अहसास, कोहरे की चादर में लिपटा ठाकुरगंज

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सुबह सात बजे तक छायी रही घनी धुंध, रेल व सड़क यातायात की थमी रफ्तार

ठाकुरगंज. जहां अप्रैल महीने में आमतौर पर सूरज की तपिश बढ़ने लगती है, वहीं ठाकुरगंज में गुरुवार की सुबह बिल्कुल उलट तस्वीर देखने को मिली. पूरा इलाका घने कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया. दृश्य ऐसा था मानो जनवरी की ठिठुरती सुबह लौट आयी हो. सुबह करीब सात बजे तक दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम रही. एनएच, रेलवे ट्रैक, प्लेटफार्म व आसपास के इलाके धुंध में लगभग गायब हो गये. हालात यह थे कि ट्रेन की हेडलाइट ही कोहरे को चीरती नजर आ रही थी. इससे ट्रेनों की रफ्तार पर भी असर पड़ा और परिचालन पूरी सतर्कता के साथ किया गया.

रेल व सड़क यातायात प्रभावित

कोहरे की वजह से रेल यातायात पर सीधा असर पड़ा. दृश्यता कम होने के कारण ट्रेनों को धीमी गति से चलाना पड़ा, जिससे यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा. वहीं सड़क पर भी वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलाकर सावधानी से सफर करना पड़ा. स्थानीय लोगों का कहना है कि अप्रैल के महीने में इस तरह का घना कोहरा पहले कभी नहीं देखा गया.

जानकारों के अनुसार, अप्रैल में कोहरा पड़ना सामान्य घटना नहीं है. यह स्थिति तब बनती है जब हवा में नमी अधिक हो व तापमान अचानक गिर जाये. बताया जाता है कि रात में तापमान में गिरावट, हवा में अत्यधिक नमी व धीमी हवा की गति जैसे कारणों से कोहरा बनने की स्थिति बनी. जानकार मानते हैं कि मौसम का यह अनिश्चित व्यवहार-कभी बेमौसम बारिश, कभी गर्मी में ठंडक, तो कभी अप्रैल में कोहरा-बदलते पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का बड़ा संकेत है. स्थानीय लोग मौसम के इस बदले मिजाज को देखकर काफी अचंभित नजर आये.

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AWADHESH KUMAR

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