नोटबंदी से व्यापारी व आमजन परेशान

दिघलबैंक : 1000 व 500 रुपये का नोट बंद होने का साइड इफेक्ट अब तक कायम है. इसका प्रभाव दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर साफ देखा जा सकता है. इसकी वजह बाहर से नोट अभाव में सामान की आपूर्ति न करा पाना बताया जाता है. यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों के हाट बाजारों में […]
दिघलबैंक : 1000 व 500 रुपये का नोट बंद होने का साइड इफेक्ट अब तक कायम है. इसका प्रभाव दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर साफ देखा जा सकता है. इसकी वजह बाहर से नोट अभाव में सामान की आपूर्ति न करा पाना बताया जाता है. यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों के हाट बाजारों में थोक व्यापारी के गोदाम से माल नहीं आ रहा है,
खुदरा दुकानदारों की माने तो कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हैं. थोक व्यापारी द्वारा नये नोट की मांग की वजह से हम लोगों ने माल मंगवाना बंद कर दिया है. एक किराना कारोबारी ने बताया कि माल लेकर वाहन नहीं आ रहा है क्योंकि वाहन मालिक को भाड़ा देने के लिए छुट्टा नोट नहीं है, जो बाजार में चल रहे है. साथ ही जिस व्यापारी से सामान मंगवायेंगे, उसे भी वे ही नोट चाहिए. जिन्हें लेने के लिए जनता को सुबह से शाम तक लाइन में लगना पड़ रहा है. ऐसे में जब बाहर से सामान इन हाट बाजारों में आ नहीं रहा तो कुछ असर भी पड़ना तय है.
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