दहेजप्रथा के विरुद्ध बुलंद की आवाज

Published at :15 Nov 2017 5:23 AM (IST)
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दहेजप्रथा के विरुद्ध बुलंद की आवाज

दहेज व बाल विवाह उन्मूलन को लेकर निकाली जागरूकता रैली पौआखाली : पौआखाली से बिल्कुल सटे हुए सीमावर्ती प्रखंड बहादुरगंज अंतर्गत मोहम्मद नगर ग्राम पंचायत के हसनगंज महादलित टोला से लेकर जानकीभिट्टा महादलित टोला में मंगलवार के दिन बहू बेटियों ने घर की दहलीज पार कर हाथों में तख्ती लिए दहेज़ प्रथा एवं बाल विवाह […]

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दहेज व बाल विवाह उन्मूलन को लेकर निकाली जागरूकता रैली

पौआखाली : पौआखाली से बिल्कुल सटे हुए सीमावर्ती प्रखंड बहादुरगंज अंतर्गत मोहम्मद नगर ग्राम पंचायत के हसनगंज महादलित टोला से लेकर जानकीभिट्टा महादलित टोला में मंगलवार के दिन बहू बेटियों ने घर की दहलीज पार कर हाथों में तख्ती लिए दहेज़ प्रथा एवं बाल विवाह जैसी समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जमकर नारा बुलंद किया है. इस दौरान महिलाओं ने बेटी है वरदान, दहेज़ देकर उसका मत करो अपमान. सेहत यदि बनाना है तो बाल विवाह को दूर भगाना है. बिटिया अभी मेरी पढ़ेगी,
कम उम्र में शादी करके नही चढ़ेगी सूली जैसे नारों से सम्पूर्ण वार्ड को गुंजयमान कर दिया.विकास मित्र धीरज कुमार हरिजन के नेतृत्व में निकाली गई प्रभात फेरी की शुरुआत तालीम उल इस्लाम मदरसा जानकीभिट्टा से होते हुए हसनगंज महादलित टोला व जानकीभिट्टा महादलित टोला में जाकर संपन्न हुआ. दहेज़ प्रथा व बाल विवाह के खिलाफ निकाली गई इस प्रभात फेरी में जानकीभिट्टा तालीम उल इस्लाम मदरसा व प्राथमिक विद्यालय के तमाम शिक्षक शिक्षिकाओं ने बढ चढ़कर हिस्सा लेते हुए समाज में फैली इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ कदम से कदम मिलाकर चलने की शपथ ली है.
रैली के दौरान रैली में शामिल महिलाएं व पुरुष दोनों ने ही घर-घर लोगों को दहेज़ प्रथा व बाल विवाह के विरुद्ध जन जागरूकता अभियान चलाकर इन कुरीतियों का विरोध करने का निर्णय लिया है. इस मौके पर प्राथमिक विद्यालय जानकीभिट्ठा की प्रधान शिक्षिका शीला कुमारी, गीता देवी, पतानी देवी आदि रैली में शामिल महिलाओं ने कहा कि हमारी बेटियां इन सामाजिक कुरीतियों के कारण निर्दयता पूर्वक शोषण की शिकार होती आ रही है. बेटी के पिता आर्थिक कंगाली के शिकार हो जाते हैं.
इतना ही नही बाल विवाह के कारण बेटियां असमय ही काल के गाल में चली जाती है.बेटियों को कोख में ही मार दिया जाता है समाज में बेटियों को बोझ समझा जाने लगा है, जिस भारत में कई वीरांगनाओं ने जन्म लिया उस भारत की पावन भूमि पर 21वीं सदी में भी इन्हीं दो सामाजिक कुरीतियों के कारण बेटियों पर अत्याचार, जुल्मोसितम की दास्तान आये दिन एक न एक कहानी बयां करती है. रैली में इस दौरान विकास मित्र धीरज कु हरिजन, वार्ड सदस्य चन्दन मुर्मू, प्रतिनिधि मो इस्लाम, हेड मौलवी मो शकील अहमद, सहायक शिक्षक मो तलाहिर, जियाउर्रहमान, महफूज़ आलम, सोहराब अहमद, जब्बार खान प्रधान शिक्षिका शीला कुमारी, दिनेश चौहान, सूर्या लाल, पतानी देवी, गीता देवी, कुलदेव लाल दास, विशन लाल दास, सूरज कुमार, मनोज दास समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल थे.
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