बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना
खगड़िया. व्यवहार न्यायलय परिसर में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. सरकार द्वारा संचालित सौ दिवसीय विशेष कार्य योजना के अंतर्गत बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की पहली वर्षगांठ पर जागरूकता रथ को रवाना किया. तटवासी समाज न्यास व जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभारंभ किया गया. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चन्दन कुमार ने रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर दंडनीय अपराध है. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है. उन्होंने लोगों से अपील की कि बाल विवाह की किसी भी सूचना की तत्काल जानकारी प्रशासन को दें. इसके लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क किया जा सकता है. बाल विवाह मुक्ति रथ जिला मुख्यालय से प्रारंभ होकर जिले के विभिन्न प्रखंड व गांव में भ्रमण कराया जा रहा है. कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार, राम कुमार, संजय प्रसाद यादव, ममता कुमारी, वरुण कुमार, रंजीत कुमार आदि उपस्थित थे.
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