खगड़िया के अररिया गांव में अधूरा पड़ा उच्च विद्यालय भवन, विधानसभा में मामला उठने के बाद भी नहीं मिला छात्रों को नया स्कूल

अधूरा पड़ा विधालय भवन | Prabhat Khabar Network
खगड़िया के अररिया गांव में वर्षों के संघर्ष के बाद बना उच्च विद्यालय भवन अधूरा पड़ा है. छत ढलाई के बाद संवेदक के गायब हो जाने से निर्माण कार्य लगभग एक साल से रुका हुआ है. सैकड़ों छात्र-छात्राएं जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जिससे अभिभावकों में भारी रोष है.
Khagaria News: खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड के अररिया गांव में जिस उच्च विद्यालय भवन के लिए ग्रामीणों ने वर्षों तक संघर्ष किया, जमीन दान दी और विधानसभा तक आवाज पहुंचाई, वह भवन आज भी अधूरा पड़ा है. निर्माण कार्य शुरू होने के करीब चार साल बाद भी स्कूल भवन छात्रों को नहीं मिल सका है. ग्रामीणों का आरोप है कि छत ढलाई के बाद संवेदक लगभग एक साल से निर्माण कार्य छोड़कर गायब है, जबकि सैकड़ों छात्र-छात्राएं आज भी जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं.
विधानसभा में मामला उठने के बाद शुरू हुआ था निर्माण
परबत्ता प्रखंड की देवरी पंचायत के अररिया गांव में उच्च विद्यालय भवन निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी. स्थानीय ग्रामीणों ने इस उद्देश्य के लिए लगभग डेढ़ बीघा जमीन बिहार सरकार को दान दी थी.
वर्ष 2022 में यह मामला बिहार विधानसभा में भी उठाया गया, जिसके बाद विद्यालय भवन निर्माण का रास्ता साफ हुआ और उसी वर्ष टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया गया.
तीन साल में भवन लगभग तैयार, फिर अचानक काम बंद
ग्रामीणों के अनुसार, करीब तीन वर्षों में भवन का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो गया था और भवन लगभग तैयार होने की स्थिति में था.
लेकिन छत ढलाई के बाद निर्माण कार्य पूरी तरह बंद हो गया. पिछले लगभग एक वर्ष से भवन निर्माण स्थल पर कोई गतिविधि नहीं दिख रही है.
प्लास्टर, वायरिंग, शौचालय और फर्नीचर का काम बाकी
विद्यालय भवन का ढांचा तैयार होने के बावजूद कई महत्वपूर्ण कार्य अब भी अधूरे हैं.
इनमें प्लास्टर, विद्युत वायरिंग, शौचालय निर्माण, फर्नीचर और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि थोड़े प्रयास से भवन छात्रों के लिए तैयार किया जा सकता है, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण काम आगे नहीं बढ़ रहा.
जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर छात्र
फिलहाल उच्च विद्यालय अररिया की कक्षाएं उत्क्रमित मध्य विद्यालय अररिया के पुराने और जर्जर भवन में संचालित हो रही हैं.
अभिभावकों का कहना है कि पर्याप्त कमरों, सुरक्षित भवन और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
बरसात और गर्मी के मौसम में स्थिति और भी कठिन हो जाती है.
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों के संघर्ष और सरकारी स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि गांव के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा.
लेकिन संवेदक और भवन निर्माण विभाग की कथित लापरवाही के कारण यह उम्मीद अधूरी रह गई है.
ग्रामीणों और अभिभावकों में इस मुद्दे को लेकर लगातार नाराजगी बढ़ रही है.
Khagaria News: विभाग की भूमिका पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि संवेदक ने निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया है, तो विभाग ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की.
ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य तुरंत शुरू कराया जाए, संवेदक की जिम्मेदारी तय की जाए और भवन को जल्द छात्रों के लिए उपलब्ध कराया जाए.
अब देखना यह है कि चार साल से अधूरे पड़े इस विद्यालय भवन का निर्माण कब पूरा होता है और अररिया गांव के छात्रों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित शैक्षणिक भवन कब मिल पाता है.
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लेखक के बारे में
By कुंदन कुमार
कुंदन कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. पसराहा (खगड़िया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.
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