खगड़िया के गोगरी में गंगा उफान पर, दियारा के गांवों में बढ़ी चिंता, हजारों एकड़ फसल डूबने का डर
दियारा इलाका में फैला गंगा का पानी | Prabhat Khabar Network
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से गोगरी के दियारा क्षेत्र में किसानों की चिंता बढ़ गई है. रामपुर, भुड़िया, गोगरी और बौरना दियारा के खेतों में पानी घुसने लगा है, जिससे हजारों एकड़ फसलें डूबने और बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा है. पिछले 20 सालों में सात बार बाढ़ झेल चुके इन इलाकों के लिए यह एक बार फिर मुश्किलों का सबब बन गया है.
Gogri Flood News: गोगरी (खगड़िया) से रणवीर झा की रिपोर्ट. गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही गोगरी के दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है. पिछले कई दिनों से नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण गंगा उफान पर है. निचले इलाकों में पानी धीरे-धीरे फैलने लगा है और खेतों तक पहुंच रहा पानी किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गया है.
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दियारा में रहने वाले लोगों के लिए यह सिर्फ नदी का पानी बढ़ने की खबर नहीं है. यहां गंगा के जलस्तर में थोड़ी सी वृद्धि भी खेत, घर और रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डालती है. इस बार भी हजारों एकड़ में खड़ी फसलों के डूबने और बर्बाद होने की आशंका से किसान सहमे हुए हैं.
खेतों में पहुंचने लगा गंगा-गंडक का पानी
गोगरी प्रखंड क्षेत्र में गंगा और गंडक नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है. इसके कारण रामपुर दियारा, भुड़िया दियारा, गोगरी दियारा और बौरना दियारा के खेतों में पानी घुसने लगा है.
दियारा के निचले इलाकों में पानी लगातार फैलने के कगार पर है. यदि जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है. किसानों के लिए यह चिंता इसलिए भी बड़ी है, क्योंकि फसल तैयार होने से पहले पानी में डूब गयी तो पूरे साल की मेहनत और लागत दोनों पर संकट खड़ा हो सकता है.
इन इलाकों पर सबसे ज्यादा असर की आशंका
गोगरी पंचायत के इमादपुर और बिंदटोली, इटहरी पंचायत के कटघरा, आश्रम टोला और भुड़िया, बन्नी पंचायत के धर्मपुर बन्नी, इंग्लिश बन्नी, तेमहा बन्नी और मुसहरी टोला में गंगा के जलस्तर में मामूली वृद्धि का भी असर पड़ता है.
इसके अलावा बौरना पंचायत के बड़ी बौरना, छोटी बौरना और काजी टोला, वार्ड संख्या 8, 9, 10 और 11 तथा रामपुर पंचायत के पूरे गांव और सभी वार्ड समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने का खतरा बना हुआ है.
दियारा क्षेत्र के लोगों की परेशानी यह है कि यहां नदी का जलस्तर बढ़ते ही सबसे पहले निचले खेत और रास्ते प्रभावित होते हैं. इसके बाद पानी गांवों की ओर बढ़ने लगता है.
20 साल में सात बार झेल चुके हैं बाढ़ की मार
गोगरी के दियारा क्षेत्र के लोगों के लिए बाढ़ कोई नया संकट नहीं है. पिछले 20 वर्षों में क्षेत्र के लोगों को सात बार बाढ़ की त्रासदी का सामना करना पड़ा है.
वर्ष 2003, 2013, 2016, 2019, 2021, 2024 और 2025 में बाढ़ ने इलाके को प्रभावित किया. इन बाढ़ों के दौरान सरकार की ओर से विभिन्न मदों में खर्च और राहत के रूप में करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बांटे जाने की बात कही गयी है.
बार-बार आने वाली बाढ़ ने यहां के लोगों की जिंदगी को अस्थिर कर दिया है. हर साल नदी का पानी बढ़ने के साथ उन्हें फिर वही चिंता सताने लगती है कि इस बार खेत बचेंगे या घर.
भुड़िया और कटघरा के लोगों के लिए बाढ़ हर साल की परीक्षा
इटहरी पंचायत के भुड़िया, कटघरा और आश्रम टोला जैसे इलाके दियारा क्षेत्र के रूप में जाने जाते हैं. यहां रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ हर साल एक नई परीक्षा लेकर आती है.
कभी खेतों में खड़ी फसल पानी में बह जाती है, तो कभी वर्षों की मेहनत से बनाया गया घर बाढ़ की चपेट में आ जाता है. कई परिवारों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है.
इन परिवारों के लिए बाढ़ सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं है. घर और फसल के साथ उनकी रोजमर्रा की जिंदगी, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की योजनाएं भी प्रभावित होती हैं. यही वजह है कि गंगा के जलस्तर में मामूली वृद्धि भी दियारा के लोगों के लिए बड़ी चिंता बन जाती है.
राहत से ज्यादा जरूरी है स्थायी समाधान की उम्मीद
दियारा के लोगों को हर साल बाढ़ के समय राहत सामग्री और नावों के परिचालन जैसी व्यवस्थाओं का इंतजार रहता है. लेकिन बार-बार आने वाली बाढ़ ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि क्या हर साल राहत पहुंचाने के बजाय ऐसे इलाकों के लिए स्थायी और प्रभावी समाधान की जरूरत नहीं है.
किसानों की सबसे बड़ी चिंता इस समय उनकी खड़ी फसल है. यदि पानी का फैलाव बढ़ता है तो इसका असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रहेगा. ग्रामीण परिवारों की आय, पशुपालन और स्थानीय बाजार पर भी इसका असर पड़ सकता है.
Gogri Flood News: प्रशासन ने कहा, पूरी तैयारी है
बाढ़ की आशंका को लेकर जिला, अनुमंडल और अंचल प्रशासन सतर्क है. गोगरी के अंचलाधिकारी मो. आमिर हुसैन ने कहा कि प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी कर ली गयी है.
उन्होंने कहा कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है. बाढ़ पीड़ित परिवारों के साथ जिला प्रशासन है. उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह से बचने और बाढ़ से संबंधित कोई जानकारी मिलने पर स्थानीय प्रशासन को सूचित करने की अपील की.
फिलहाल दियारा क्षेत्र के लोगों की नजर गंगा के जलस्तर पर टिकी है. पानी की रफ्तार कम होती है या बाढ़ का खतरा और बढ़ता है, आने वाले दिनों में स्थिति इसी पर निर्भर करेगी. सबसे बड़ी चिंता उन किसानों की है, जिनकी मेहनत से तैयार फसल अब नदी के बढ़ते पानी के सामने खड़ी है.

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लेखक के बारे में
By रणवीर कुमार
रणवीर कुमार प्रिंट माध्यम में 13 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. गोगरी (खगड़िया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.
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