विद्यालयों में मीनू का नहीं हो रहा पालन

Updated at : 26 Apr 2017 5:53 AM (IST)
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विद्यालयों में मीनू का नहीं हो रहा पालन

डीएम के निर्देश पर अलौली प्रखंड के 19 पंचायतों के स्कूलों का अधिकारियों की स्पेशल टीम ने सोमवार को जांच की थी. इस दौरान सभी स्कूलों में एमडीएम संचालन में गड़बड़ी मिली. खगड़िया : अलौली प्रखंड के 19 पंचायतों के विभिन्न स्कूलों की जांच की गयी. इस दौरान गड़बड़ी मिली. स्थिति यह है कि पहले […]

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डीएम के निर्देश पर अलौली प्रखंड के 19 पंचायतों के स्कूलों का अधिकारियों की स्पेशल टीम ने सोमवार को जांच की थी. इस दौरान सभी स्कूलों में एमडीएम संचालन में गड़बड़ी मिली.

खगड़िया : अलौली प्रखंड के 19 पंचायतों के विभिन्न स्कूलों की जांच की गयी. इस दौरान गड़बड़ी मिली. स्थिति यह है कि पहले दो गुना तक फर्जी हाजिरी बना कर हेराफेरी होती थी, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़ कर चार गुना तक पहुंच गया है.
सोमवार को जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित मध्य विद्यालय मेहसौड़ी में जांच के दौरान सामने आयी गड़बड़ी एमडीएम विभाग के दावे की पोल खोलने के लिए काफी है. जांच अधिकारी के पहुंचने पर विद्यालय में मात्र 75 बच्चे मौजूद थे, लेकिन उपस्थिति पंजी में 301 छात्रों की हाजिरी बनी हुई थी.
एमडीएम मीनू मतलब खिचड़ी व चोखा
मध्याह्न भोजन का अलग-अलग मीनू निर्धारित कर रखा है, लेकिन यह आदेश कागजी घोषणा बन कर रह गयी है. बताया जाता है कि एमडीएम मतलब खिचड़ी व चोखा. पुलाव व दाल व काबूली चना की सब्जी सहित मीनू के सारी सामग्री स्कूल की दीवारों पर लिखी बातें तक ही सिमट कर रह गयी है. खिचड़ी की गुणवत्ता की बात करें तो उसमें भी कटौती कर ली जाती है. खिचड़ी में दाल नाम मात्र देकर बच्चों के बीच परोस दिया जाता है. कई बच्चे तो एमडीएम में मिले खिचड़ी फेंक तक देते हैं. मौसमी फल देना तो दूर मीनू के अनुसार अधिकांश स्कूलों में बच्चों को भोजन नहीं परोसा जा रहा है. हां स्कूल के प्रधानाध्यापक एक चीज में जरुर आगे रहते हैं. वह है आइवीआरएस की रिपोर्ट. जिसे पाकर अधिकारी भी खुद की पीठ थपथपा लेते हैं, लेकिन धरातल पर तुम भी खुश और हम भी चुप की तर्ज पर एमडीएम में धांधली का खेल जारी है.
एमडीएम में गड़बड़ी पकड़े जाने पर कार्रवाई में कोई देरी नहीं होती है. मीनू का पालन नहीं होने की शिकायत मिलने पर जांच व कार्रवाई तय है. दर्जनों प्रधानाध्यापकों पर लाखों की राशि वसूली की कार्रवाई की गयी है.
चंद्रशेखर शर्मा, डीपीओ, मध्याह्न भोजन
जिला प्रशासन की स्पेशल टीम की जांच में कई विद्यालयों में एमडीएम में धांधली पकड़ में आयी है. अगर किसी स्कूल में एक बार जुर्माना की कार्रवाई बाद भी स्थिति नहीं सुधर रही है, तो एमडीएम प्रभारी के प्रस्ताव पर संबंधित स्कूलों के प्रधान पर विभागीय कार्रवाई सहित निलंबन की कार्रवाई की जायेगी. जांच रिपोर्ट के आधार संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों सहित शिक्षकों पर शिकंजा कसा जायेगा. साथ ही अधिकारियों के निरीक्षण में किस स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है इसकी भी जांच कर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जायेगी.
जय सिंह, डीएम
मध्याह्न भोजन योजना लूट-खसोट का अड्डा बन गया है. सरकारी स्कूलों में एमडीएम योजना मतलब जेब भरने का जरिया. जिस स्कूल के प्रधान से राशि वसूली जैसी कार्रवाई होती है, वहां एमडीएम में धांधली पहले की तूलना में ज्यादा होने लगता है. जुर्माने की रकम की भरपाई भी इसी एमडीएम योजना से किया जाता है. एमडीएम विभाग के अधिकारी चाहे जितने भी दावे कर ले, लेकिन फर्जी उपस्थिति के आधार पर मध्याह्न भोजन में लूट का खेल जारी है.
गजेंद्र कुमार, प्रखंड जदयू अध्यक्ष,
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