अब 48 घंटे के भीतर किसानों को मिलेगी धान की कीमत

Updated at : 25 Nov 2016 6:32 AM (IST)
विज्ञापन
अब 48 घंटे के भीतर किसानों को मिलेगी धान की कीमत

बटाईदार किसान भी बेच सकेंगे अपना धान एक दिसंबर से होगी धान की खरीदारी शुरू खगड़िया : सरकारी क्रय केन्द्रों पर धान बेचने वाले किसानों को 48 घंटे के भीतर उनके धान की कीमत का भुगतान किया जाएगा. धान की खरीदारी से लेकर किसानों के भुगतान तक को लेकर राज्य स्तर से निर्देश दिये गए […]

विज्ञापन

बटाईदार किसान भी बेच सकेंगे अपना धान

एक दिसंबर से होगी धान की खरीदारी शुरू
खगड़िया : सरकारी क्रय केन्द्रों पर धान बेचने वाले किसानों को 48 घंटे के भीतर उनके धान की कीमत का भुगतान किया जाएगा. धान की खरीदारी से लेकर किसानों के भुगतान तक को लेकर राज्य स्तर से निर्देश दिये गए है. पिछले वर्ष की ही भांति इस वर्ष यानी 16-17 में पैक्स तथा व्यापार मंडल के द्वारा किसानों से धान की अधिप्राप्ति की जाएगी. पंचायत स्तर पर पैक्स के द्वारा, जबकि प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडल के द्वारा किसानों से धान खरीदे जाएंगे.
इस जिले में एक दिसंबर से 31 मार्च 2017 तक सभी क्रय केन्द्रों पर किसानों से धान खरीदे जाएंगे. धान का समर्थन मूल्य भी निर्धारित कर दिया गया है. सामान्य श्रेणी का धान 1470 रुपये क्विंटल तथा बढ़िया किस्म का धान 1510 रुपये प्रति क्विंटल के दर से खरीदे जाएंगे. राज्य स्तर से तय समय सीमा के भीतर किसानों को भुगतान करने का आदेश दिया गया है.
किसी भी परिस्थिति में भुगतान में विलम्ब न हो उसके लिए संबंधित पदाधिकारी को विशेष निर्देश दिये गए है. धान के मूल्य का भुगतान बैंक खाते के जरीये किया जाएगा.
पहले से रजिस्टेशन होगी : सरकारी क्रय केन्द्रों पर अपने धान को बेचने वाले किसानों को पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा. तभी वे अपने धान को बेच सकेंगे. विभागीय जानकारी के मुताबिक अबतक मात्र 47 किसानों ने ही धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया. रजिस्ट्रेशन की जानकारी हर किसानों को मिले. इसके लिए डीएम जय सिंह ने जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को व्यापक प्रचार प्रसार कराने का निर्देश दिया है.
बटाईदार भी बेच सकेंगे धान :
क्रय केन्द्रों पर बटाईदार किसान भी अपना धान बेच सकेंगे. जानकारी के मुताबिक किसानों को धान बेचने के पूर्व अपना पहचान पत्र के साथ साथ जमीन का एलपीसी अथवा अद्यतन जारी हुआ लगान रसीद अथवा केसीसी कार्ड की छायाप्रति जमा करना होगा. तभी वे क्रय केन्द्रों अपना धान बेच सकेंगे. लेकिन बटाईदार किसानों के लिए जमीन संबंधी कागजात जमा करने में छुट दी गई है.
बटाईदार किसानों से जमीन संबंधी एलपीसी/मालगूजारी रसीद/केसीसी कार्ड तो नहीं लिये जाएंगे. लेकिन इन्हें वार्ड सदस्य अथवा कृषि सलाहकार से इस बात का प्रतिवेदन लेकर जमा करना होगा कि इन्होंने बटाई की जमीन पर धान की फसल लगाई थी. वहीं जिन किसानों के पास अपनी जमीन है. उन्हें एलपीसी, अधतन लगान रसीद तथा केसीसी कार्ड में से किसी एक कागजात की अभिप्रमाणित छाया प्रति देने होंगे. एलपीसी अथवा लगान रसीद में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए राज्य स्तर से सभी केंद्रों पर सीओ तथा संबंधित हल्का कर्मचारी के हस्ताक्षर का नमूना सभी क्रय केंद्रों पर रखने का आदेश जारी किया गया है.
जमीन के साथ साथ किसानों को पहचान पत्र भी देने होंगे. फोटो युक्त पहचान पत्र, पासबुक, केसीसी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस के अलावा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त कसी एक प्रमाण पत्र की अभिप्राप्ति छायाप्रति देने के बाद ही किसानों से धान खरीदे जाएंगे.
केंद्रों पर व्यवस्था के निर्देश : धान अधिप्राप्ति के पूर्व सभी धान क्रय केंद्रों पर सभी व्यवस्था करने का आदेश जारी किया गया है. क्रय केंद्रों पर धान की गुणवत्ता की जांच के लिए यंत्र आवश्यक पंजी, बरसात से बचाव के लिए तिरपाल सहित धान को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है.
नहीं मिला लक्ष्य
हाल के कुछ वर्षों में सभी जिलों को धान की खरीदारी का लक्ष्य दिया जाता रहा है. हालांकि यह भी सच्चाई है कि किसी भी वर्ष खगड़िया जिले में लक्ष्य के अनुसार धान की खरीदारी नहीं हो पाई. हर वर्ष लक्ष्य प्राप्त करने में यह जिला पिछड़ गया. लेकिन इस वर्ष किसी भी जिले को यह लक्ष्य नहीं दिया गया है.
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के द्वारा जारी आदेश में यह कहा गया है कि बिहार में इस वर्ष 134 लाख मैट्रिक टन धान उत्पादन की संभावना है भारत सरकार के द्वारा बिहार 30 लाख एमटी का लक्ष्य दिये है. लेकिन बिहार सरकार के द्वारा इस वर्ष जिले को लक्ष्य नहीं दिया जा रहा है. विभागीय परिपत्र में किसानों से अधिक से अधिक धान की खरीदारी करने का लक्ष्य सभी जिलों को दिया गया है.
कहते हैं अधिकारी
इधर प्रभारी डीएसओ सियाराम सिंह ने बताया कि धान अधिप्राप्ति की तैयारी कुछ दिनों से की जा रही है. एक दिसंबर से किसानों से धान खरीदे जाएंगे. राज्य स्तर से धान का दर निर्धारित है. जबकि लक्ष्य नहीं दिया गया है. क्रय के बाद किसानों को 48 घंटों के भीतर उनके धान की कीमत का भुगतान किया जाना है. इस वर्ष बटाईदार किसान अधिकतम 50 क्विंटल तथा जमीन वाले किसान अधिकतम 150 क्विंटल धान क्रय केंद्रों पर बेच सकते है.
सभी किसानों को धान खरीदारी के संदर्भ में पूरी जानकारी मिल सकें. इसके लिए जिला पदाधिकारी के द्वारा प्रचार प्रसार कराने के निर्देश दिये जा चुके है. धान की खरीदारी में पूरी पारदर्शिता बरतने के साथ साथ क्रय केंद्रों की नियमित जांच के लिए पदाधिकारियों को प्रतिनियुक्त किये जाने की बातें भी इन्होंने बताई.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन