महिलाओं को दी गयी बंधेज कला की जानकारी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :11 Sep 2016 6:52 AM (IST)
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खगड़िया : स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा ग्रामीण युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बंधेज कला की जानकारी दी गयी. छह दिवसीय प्रशिक्षण में प्रशिक्षक सह कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक डॉ. ब्रजेंदू ने प्रशिक्षनार्थियों को रोजगार सृजन में बंधेज कला के महत्ता की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं […]
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खगड़िया : स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा ग्रामीण युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बंधेज कला की जानकारी दी गयी. छह दिवसीय प्रशिक्षण में प्रशिक्षक सह कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक डॉ. ब्रजेंदू ने प्रशिक्षनार्थियों को रोजगार सृजन में बंधेज कला के महत्ता की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं स्वरोजगार कर सकती है. प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे व्यापार कर हजारों की आमदनी प्राप्त कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि
बंधेज कला कुटीर उद्योग के रूप में विकसीत करने के लिए महिलाओं को
प्रोत्साहित किया.
क्या है बंधनी हस्त कला : गुजरात, काठियावाड़, राजस्थान तथा सिंध में चुनरी, ओढ़नी, साड़ी, पर्दा, बेडसीट आदि बांध कर रंगे जाते है. ऐसे वस्त्र मंगलमय सौभाग्य का चिन्ह माना जाता है. कपड़े पे रंग लगाने से पूर्व तरह-तरह नमूने के अनुसार वस्त्रों को बांधने का काम धागा से किया जाता है. तत्पश्चात बंधनी को विभिन्न रंगों से रंगा जाता है.
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