शहर में जाम के आगे सभी पस्त

Published at :01 Jul 2015 9:03 AM (IST)
विज्ञापन
शहर में जाम के आगे सभी पस्त

खगड़िया: परिवर्तन के दौर में सड़कों की चैड़ाई व ऊंचाई बढ़ गयी. सड़कें चिकनी हो गयी, लेकिन बढ़ती रफ्तार पर कोई लगाम नहीं लग सका. इस जिले में ट्रैफिक का कोई सिस्टम विकसित नहीं हो सका. स्थिति यह है कि यहां वाहनों के लिए पर्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है. जिले में कुछ वर्षो के […]

विज्ञापन
खगड़िया: परिवर्तन के दौर में सड़कों की चैड़ाई व ऊंचाई बढ़ गयी. सड़कें चिकनी हो गयी, लेकिन बढ़ती रफ्तार पर कोई लगाम नहीं लग सका. इस जिले में ट्रैफिक का कोई सिस्टम विकसित नहीं हो सका. स्थिति यह है कि यहां वाहनों के लिए पर्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है. जिले में कुछ वर्षो के अंदर दो पहिये वाहनों में बढ़ोत्तरी हुई है. वहीं ट्रैफिक व्यवस्था नहीं होने के कारण दुर्घटनाएं भी आम बन गयी है. आये दिन जिले में कहीं न कही सड़क दुर्घटना होना आम बात हो गया है. अब तक इस वर्ष दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत सड़क दुर्घटना के कारण हो चुकी है.
शहर में नहीं है ट्रैफिक गोलंबर
जिला मुख्यालय होने के बावजूद शहर में एक भी ट्रैफिक गोलंबर नहीं है. जब अनुमंडल हुआ करता था तो राजेंद्र चौक पर ट्रैफिक पुलिस की सीटी हमेशा सुनायी देती थी. तब एहसास हुआ करता था कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था है. लेकिन आगे चल कर व्यवस्था बिगड़ गयी. जहां ट्रैफिक पुलिस मुस्तैद रहा करती थी. वहां पहले तो हाइमास्ट लाइट लगाये गये, लेकिन वहां अब फूटकर दुकानदारों ने अपना कब्जा जमा रखा है. अन्य किसी चैराहे पर ट्रैफिक की व्यवस्था नहीं है. वैसे अतिक्रमण के चक्कर में बाजार की सड़कें तो सिकुड़ती ही रहती है.
कभी-कभी हुए सुधार के प्रयास
ट्रैफिक नियमों के अनुपालन के बाबत प्रशासन ने कई बार संवेदनशील हो नियम-कायदे बनाये. शहर में बड़े वाहनों के दिन में प्रवेश पर पाबंदी लगायी गयी है. सभी वाहनों की गति सीमा निर्धारित की गयी है. इसके लिए शहर के सीमा पर बोर्ड भी लगवाये गये. यत्र-तत्र वाहन लगाने वाले लोगों पर एसडीओ द्वारा जुर्माना की राशि वसूल की गयी. शहर के राजेंद्र चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस को प्रतिनियुक्त किया गया है, लेकिन वह ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने में कम लेकिन अन्य कामों पर नजर अधिक रखते देखे गये हैं. नो इंट्री के बहाने जो शहर के बाहर बेरियर लगाये गये वह आमदनी का बेहतर जरिया बन गया.
नहीं है शहर में पार्किग की व्यवस्था
जिला मुख्यालय में तो पर्किंग की कोई व्यवस्था है ही नहीं. पर्किंग के मद्देनजर यहां कोई नियम कायदे नहीं चलते. जहां चाहें अपनी गाड़ी लगा लें. आमतौर पर बाजारों में दुकानों के ठीक सामने लोग गाड़ी खड़ी कर देते हैं. वहीं कई सड़क तो ऐसी है जो सड़क कम पर्ा्िक ग की जगह अधिक दिखती है. शहर में यत्र तत्र वाहन लगाने से पैदल चलने वाले लोगों को भी कठिनाइयों से जूझना पड़ता है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन