15 साल बाद भी स्कूल तक नहीं बनी पक्की सड़क, कीचड़ से होकर पढ़ने जा रहे बच्चे, चहारदीवारी भी नहीं

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स्कूल तक नहीं बनी सड़क

स्कूल तक नहीं बनी सड़क

Khagaria News: खगड़िया के मानसी में एक सरकारी स्कूल आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। 15 साल बाद भी स्कूल तक पक्की सड़क नहीं है, जिससे बच्चों को बरसात में कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ता है। चहारदीवारी के अभाव में सुरक्षा का संकट बना हुआ है।

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मानसी (खगड़िया) से सतीश कुमार की रिपोर्ट

Khagaria News: शिक्षा के अधिकार और बुनियादी सुविधाओं के दावों के बीच खगड़िया के मानसी प्रखंड का एक सरकारी विद्यालय आज भी मूलभूत सुविधाओं का इंतजार कर रहा है. वर्ष 2008-09 में स्थापित डॉ. राधा कृष्ण प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है. बरसात में बच्चे कीचड़ और जलजमाव से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं. स्थिति इतनी खराब है कि कई बार बच्चे फिसलकर घायल भी हो जाते हैं. विद्यालय में चहारदीवारी भी नहीं है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है.

15 वर्षों बाद भी नहीं बनी स्कूल तक पक्की सड़क

मानसी प्रखंड के बलहा मटियरवा स्थित डॉ. राधा कृष्ण प्राथमिक विद्यालय वर्ष 2008-09 में स्थापित हुआ था. विद्यालय को संचालित हुए करीब 15 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक यहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है.

बरसात के दिनों में संपर्क मार्ग पूरी तरह कीचड़ और जलजमाव से भर जाता है. ऐसे में छोटे-छोटे स्कूली बच्चों, खासकर महादलित समुदाय के छात्र-छात्राओं को रोजाना कठिन रास्ते से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है.

बारिश में बढ़ जाती है परेशानी

स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश शुरू होते ही स्कूल जाने वाला रास्ता बेहद फिसलन भरा हो जाता है. बच्चों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनके कपड़े गंदे हो जाते हैं और कई बार वे गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है.

प्रधानाध्यापक ने बताई स्कूल की स्थिति

विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद दिलनवाज ने बताया कि सड़क नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में कई बच्चे फिसलकर घायल हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि विद्यालय में कुल 163 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं.

उन्होंने बताया कि विद्यालय में 4 शिक्षक और 5 शिक्षिकाएं कार्यरत हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण बच्चों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

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चहारदीवारी नहीं होने से सुरक्षा पर भी सवाल

प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय की अब तक चहारदीवारी का निर्माण नहीं कराया गया है. खुला परिसर होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है.

अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है. चहारदीवारी नहीं होने से बच्चों के स्कूल परिसर से बाहर निकलने और बाहरी लोगों के प्रवेश का खतरा बना रहता है.

ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से विद्यालय तक जल्द पक्की सड़क बनाने तथा चहारदीवारी का निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, तो उनकी पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी.

स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केवल नामांकन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्कूल तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करानी होंगी.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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